तेहरान/दक्षिण भारत। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने स्टील फ़ैक्टरियों और परमाणु स्थलों सहित ईरान की प्रमुख सुविधाओं पर इज़राइली हमलों के बाद एक कड़ी चेतावनी जारी की है।
अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में, अराक़ची ने इज़राइली शासन की हालिया सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे अमेरिका के समर्थन से की गई थीं।
अराक़ची ने कहा, 'इज़राइल ने ईरान की दो सबसे बड़ी स्टील फ़ैक्टरियों, एक पावर प्लांट और नागरिक परमाणु स्थलों के साथ-साथ अन्य बुनियादी ढांचों पर हमला किया है। इज़राइल का दावा है कि उसने अमेरिका के साथ तालमेल बैठाकर यह कार्रवाई की।'
उन्होंने कहा, 'यह हमला कूटनीति के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बढ़ाई गई समय सीमा के विपरीत है।'
शीर्ष ईरानी राजनयिक ने चेतावनी दी, 'ईरान के खिलाफ अपराधों के लिए देश भारी कीमत वसूलेगा।'
बता दें कि 28 फरवरी को इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की हत्या के बाद, अमेरिका और इजराइली शासन ने ईरान के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया।
पूरे ईरान में सैन्य और नागरिक, दोनों ही ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ और बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची है।
इसके जवाब में, ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी तथा इज़राइली ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार से निशाना बनाया।