कांग्रेस का आरोप: सरकार की विफलताओं ने पाकिस्तान को 'ब्रोकर देश' बना दिया

जयराम रमेश ने दिया बयान

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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उसकी विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'स्टाइलिश और लंबे समय से अनुभवी कहे जाने वाले विदेश मंत्री पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए बातचीत में पाकिस्तान के मध्यस्थ और पहलकर्ता के रूप में उभरने से भारत को हुई भारी शर्मिंदगी और क्षेत्रीय कूटनीति को लगे झटके को ढकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'

जयराम रमेश ने कहा, 'यह वास्तव में घोर आपत्तिजनक है कि पाकिस्तान को इस भूमिका के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। यह वही देश है जिसकी राज्य व्यवस्था ने चार दशकों से अधिक समय तक भारत और अन्य देशों में आतंकवाद को प्रायोजित और संचालित किया है। ओसामा बिन लादेन और अन्य खतरनाक वैश्विक आतंकवादियों को दशकों तक पनाह दी।'

जयराम रमेश ने कहा, '(पाकिस्तान ने) परमाणु अप्रसार कानूनों का घोर उल्लंघन कर अन्य देशों को परमाणु क्षमता हासिल करने में मदद की। एक्यू खान नेटवर्क की भूमिका अच्छी तरह डॉक्यूमेंटेड है और स्वयं तत्कालीन राष्ट्रपति मुशर्रफ ने भी इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था। अफगानिस्तान में अस्पतालों और नागरिक ठिकानों पर बेरहमी से बमबारी की और विभिन्न प्रांतों-बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य क्षेत्रों में अपने ही नागरिकों तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा।'

जयराम रमेश ने कहा, 'पाकिस्तान को मध्यस्थ की भूमिका के लिए भी उपयुक्त माना जाना, प्रधानमंत्री की कूटनीति की वास्तविकता और उसके तरीके, दोनों पर एक बेहद गंभीर आरोप है, जो बड़े-बड़े दावों और कायरता से चिह्नित रही है।'

उन्होंने कहा, 'याद कीजिए कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया था, क्योंकि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार दुनिया को पाकिस्तान की साजिशपूर्ण भूमिका के बारे में समझाने में सफल रही थी। इसके विपरीत 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार करने वाले पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और ज़हरीले बयानों के बाद भी हम पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने में असफल रहे।'

उन्होंने कहा, 'उल्टा, वह और अधिक प्रासंगिक खिलाड़ी के रूप में उभरकर सामने आया है, और 10 मई, 2025 के बाद तो यह साफ हो गया कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम का पसंदीदा बन चुका था।'

जयराम रमेश ने कहा, 'विदेश मंत्री ने कल रात कहा कि भारत कोई ब्रोकर देश नहीं है। यह अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन सच यह है कि हमारी कूटनीति, वैश्विक संपर्क और नैरेटिव प्रबंधन की भारी विफलताओं ने एक टूटे हुए देश को ब्रोकर देश बना दिया है। यही स्वयंभू विश्वगुरु का हमारे कूटनीतिक रिकॉर्ड में एक ऐसा अनोखा योगदान है, जिसे विदेश मंत्री के कितने भी वन-लाइनर मिटा नहीं सकते।'

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