नई दिल्ली/दक्षिण भारत। सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीज़ल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर फैल रहीं अफ़वाहों पर विश्वास न करें और न ही घबराकर खरीदारी करें।
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने कहा कि पेट्रोल या डीज़ल की कोई कमी नहीं है। साथ ही, यह बताया कि उसके आउटलेट पूरी तरह से भरे हुए और पूरी तरह से चालू हैं।
उसने आगाह किया कि अफ़वाहें अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं और आपूर्ति के सामान्य क्रम को बाधित कर सकती हैं। उसने नागरिकों से आग्रह किया कि वे घबराकर खरीदारी करने से बचें और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करें।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कुछ इलाकों में ईंधन की कमी की खबरों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। उसने ज़ोर देकर कहा कि पूरे देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
कंपनी ने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीज़ल और एटीएफ का पर्याप्त भंडार है तथा आपूर्ति चेन बिना किसी रुकावट के सुचारु रूप से काम कर रही हैं। इसमें कहा गया कि यह निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी कहा कि पूरे देश में पेट्रोल, डीज़ल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। इनकी आपूर्ति स्थिर है तथा स्टॉक भी पर्याप्त है।
इसने ग्राहकों को सलाह दी कि वे अफ़वाहों से गुमराह न हों और न ही घबराकर खरीदारी करें। साथ ही, यह भी कहा कि वह अपने पूरे नेटवर्क में बिना किसी रुकावट के और सुचारु रूप से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बता दें कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति चेन को बाधित किया है, लेकिन भारत ने पश्चिम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति हासिल कर ली है।
युद्ध के कारण कतर में भारत के सबसे बड़े सप्लायर की सुविधाओं के प्रभावित होने से एलएनजी की आपूर्ति में जो रुकावट आई है, उसके चलते अब घरेलू उपभोक्ताओं को इस ईंधन की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, उर्वरक संयंत्रों जैसे औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए इसकी आपूर्ति में कुछ कटौती की गई है।