कोई भी संकट हमारे हौसलों और प्रयास की परीक्षा लेता है: प्रधानमंत्री

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर राज्यसभा में मोदी की टिप्पणी

Photo: @NarendraModi YouTube Channel

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर मंगलवार को राज्यसभा में टिप्पणी की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युद्ध को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। इस युद्ध ने पूरे विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही हैं। गल्फ के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं। उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा भी भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स हैं। ये भी भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है। ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की संसद के इस उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। हम गल्फ के सभी देशों के साथ लगातार बातें कर रहे हैं। हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य, डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए सतत प्रयास कर रहा है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का प्रयास है कि तेल, गैस, फर्टिलाइजर्स जैसे हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। कोई भी संकट हो, हमारे हौसलों और प्रयास दोनों की परीक्षा लेता है। देश ऐसे संकटों का बेहतर तरीके से सामना कर सके, इसके लिए बीते 11 वर्षों में निरंतर निर्णय लिए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं सदन और देश को आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत के पास क्रूड ऑयल के पर्याप्त स्टोरेज और निरंतर सप्लाई की व्यवस्थाएं हैं। हमारी सरकार की कोशिश है कि ईंधन के किसी एक ही स्रोत पर ज्यादा निर्भरता न रहे। सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का 90 प्रतिशत से अधिक ट्रेड विदेशी जहाजों पर होता है। यह स्थिति किसी भी वैश्विक संकट में भारत की स्थिति को और भी गंभीर बना देती है। इसलिए सरकार ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपए का अभियान शुरू किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि हर सेक्टर में दूसरे देशों पर निर्भरता कम से कम हो। हम ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है। वर्तमान संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। अभी तक पश्चिम एशिया में जो नुकसान हुआ है, उसे रिकवर होने में भी दुनिया को बहुत समय लगेगा। भारत पर इसका कम से कम दुष्प्रभाव हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें एक और चुनौती पर भी ज्यादा ध्यान देना होगा। ऐसे समय में कालाबजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले बहुत सक्रिय हो जाते हैं। जहां से भी ऐसी शिकायतें आती हैं, वहां त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

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