तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा कि देश ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है, बल्कि उसने केवल उन जहाज़ों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका-इजराइल के युद्ध में शामिल हमलावर देशों से जुड़े हैं; वहीं, अन्य जहाज़ों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने में सहायता दी जा रही है।
अराक़ची ने जापान की एक समाचार एजेंसी के साथ एक साक्षात्कार में ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह रणनीतिक जलमार्ग खुला हुआ है।
अराक़ची ने कहा, 'हमने जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है। यह खुला है।' उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ईरान 'युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का पूर्ण, व्यापक और स्थायी अंत' चाहता है।
ईरान ने अस्थायी संघर्ष-विराम की अपीलों को सिरे से खारिज कर दिया है और इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी समाधान में यह गारंटी शामिल होनी चाहिए कि भविष्य में दोबारा हमले नहीं होंगे और इस हमले के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।
अराक़ची ने कहा कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है, बल्कि उन देशों से जुड़े जहाज़ों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो अमेरिका-इज़राइल के युद्ध में शामिल हैं। ईरान वहां की अस्थिर स्थिति के बीच वह दूसरों की मदद भी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ईरान जापान जैसे देशों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने को तैयार है, बशर्ते वे तेहरान के साथ सहयोग करें।
अराक़ची ने बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जापानी जहाज़ों के गुज़रने के मुद्दे पर हाल ही में उनके जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी के साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन इसका विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
ईरान के विदेश मंत्री ने युद्ध की निंदा करते हुए कहा कि यह ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत के बावजूद शुरू किया गया।