भुवनेश्वर/दक्षिण भारत। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक एवं चेयरपर्सन नीता अंबानी को सोमवार को यहां कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज परिसर में प्रतिष्ठित केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया।
यह अवॉर्ड केआईआईटी, केआईएसएस और केआईएमएस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की उपस्थिति में श्रीलंका के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. मोहन मुनासिंघे द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और गणमान्य लोग शामिल हुए।
अपने संबोधन में, नीता अंबानी ने कहा कि डॉ. सामंत ने शिक्षा के दो आधुनिक मंदिर केआईआईटी और केआईएसएस बनाए हैं। ये दोनों संस्थान हमारे देश के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्राप्त कर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका ही नहीं, बल्कि रिलायंस फाउंडेशन की पूरी टीम का है।
नीता अंबानी ने कहा, 'आप लोगों ने यहां मुझे जो प्रेम और स्नेह दिया, उसे कभी नहीं भूलूंगी। केआईआईटी और केआईएसएस का दौरा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान जगन्नाथ की इस पावन भूमि पर आकर मैं अभिभूत हूं। ओडिशा की संस्कृति, परंपराएं और मूल्य अत्यंत समृद्ध हैं। यहां के लोगों का प्रकृति के साथ गहरा और मज़बूत जुड़ाव है।'
उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं है। जो कुछ लड़के कर सकते हैं, लड़कियां भी कर सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा, 'यह तो बस शुरुआत है, आपका अंतिम लक्ष्य नहीं है। आपको बड़े सपने देखने चाहिएं और उन सपनों को पूरा करने के लिए पूरी लगन और मेहनत से काम करना चाहिए।'
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी कि वे कभी भी भलाई का रास्ता न छोड़ें। उन्होंने कहा, 'मुझे भारत का भविष्य यहां दिखाई देता है। यहां के बच्चों को देखने के बाद, मुझे पूरा भरोसा है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है।'
अपने स्वागत भाषण में डॉ. सामंत ने कहा, 'सफलता का मतलब केवल अपने लिए चीज़ें हासिल करना नहीं है। सच्ची सफलता दूसरों के जीवन में रोशनी लाना है।' नीता अंबानी का उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि अगर आप पूरी लगन से प्रयास करते हैं तो बेहतरीन पहल कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने नीता अंबानी के बहुआयामी सामाजिक कार्यों की सराहना की।