तेहरान/दक्षिण भारत। इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड कॉर्प्स ने इजराइली ठिकानों पर मिसाइलों का नया हमला किया। इसमें 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद पहली बार रणनीतिक ठोस-ईंधन सेज्जिल मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
आईआरजीसी ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत इजराइल के खिलाफ प्रतिशोधी मिसाइल हमलों की 54वीं लहर को अंजाम दिया।
एक बयान में, आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय ने कहा कि ताज़ा हमलों की लहर में दो टन वारहेड से लैस सुपरहैवी खोरमशहर मिसाइलों के प्रक्षेपण के साथ-साथ खैबर-शेकान (खैबर-बस्टर), क़दर और इमाद मिसाइलें भी शामिल थीं।
इसमें कहा गया कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 में पहली बार, रणनीतिक और ठोस‑ईंधन सेज्जिल मिसाइल को उन प्रबंधन और निर्णय लेने वाले केंद्रों के खिलाफ दागा गया जो इजराइली शासन के वायु आधारित अभियानों को प्रभावित करते हैं।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि दुश्मन के प्रमुख बुनियादी ढांचे, जो उसके सैन्य और रक्षा उद्योगों में प्रभावशाली हैं, साथ ही उसके शासन की सैन्य ताकतों के जमावड़े के ठिकाने, कब्ज़े वाले क्षेत्रों में सफलतापूर्वक निशाना बनाए गए हैं।
बता दें कि अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनई समेत कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की हत्या के बाद इस देश के खिलाफ बड़े पैमाने पर बिना सैन्य अभियान शुरू किया था।