तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान पर चल रहे अमेरिका-इज़राइल के हमलों में मारे गए सैन्य कमांडरों और अन्य लोगों के लिए तेहरान में आयोजित अंतिम यात्रा (जनाज़ा जुलूस) में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
समारोह की शुरुआत इंक़लाब स्क्वायर में धर्म ग्रंथ के पाठ और राष्ट्रीय गान के साथ हुई। इसमें शोकगीत का पाठ भी शामिल था। जुलूस में शामिल लोगों ने अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इज़राइल मुर्दाबाद' और मजहबी नारे लगाए।
उन्होंने अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ जवाबी हमलों के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की और हमलावरों को सज़ा देने की मांग की। उन्होंने इस्लामी क्रांति के नए नेता आयतुल्लाह सैयद मोजतबा खामेनेई के प्रति भी अपनी निष्ठा जताई।
एक रिपोर्ट के अनुसार, आज जिन लोगों की अंतिम यात्रा निकाली गई, उनमें ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दोलरहीम मौसवी, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद पकपूर, ईरान की रक्षा परिषद के सचिव अली शामखानी और ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अज़ीज़ नासिरज़ादेह शामिल थे, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल के हमले में मारे गए थे।
इस हमले के जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 शुरू किया, जिसके तहत इज़राइल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए गए।