यात्रियों की सुरक्षा के लिए अटूट प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा आरपीएफ

विभिन्न अभियानों में हासिल कीं कई उपलब्धियां

अतिरिक्त महाप्रबंधक पी अनंत ने आरपीएफ कर्मियों का आभार व्यक्त किया

हुब्बली/दक्षिण भारत। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों की सुरक्षा के लिए अटूट प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। उसने फरवरी में विभिन्न अभियानों में कई सराहनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

आरपीएफ ने 'नन्हे फ़रिश्ते' मिशन के तहत देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाले 50 बच्चों (38 लड़के, 12 लड़कियां) को उनके परिवारों से मिलाया। ये बच्चे विभिन्न कारणों से अपने परिवारों से बिछड़ गए थे।

इसी तरह, उसने ऑपरेशन डिग्निटी के तहत एक बुज़ुर्ग महिला को उचित सत्यापन के बाद उसके परिवार को सौंपा। उसने 'मेरी सहेली' पहल के तहत अकेली और असहाय महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की। उनकी सीट की जानकारी स्टेशन आरपीएफ टीमों के साथ साझा की गई। गंतव्य स्टेशनों पर प्रतिक्रिया भी ली गई। वर्तमान में, इस पहल के तहत 32 ट्रेनें शामिल हैं।

आरपीएफ ने ऑपरेशन 'उपलब्ध' के तहत यात्रियों को ट्रेन टिकटों की निष्पक्ष उपलब्धता सुनिश्चित करने और काला बाज़ारी को रोकने के लिए कर्नाटक और गोवा में विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों और स्थानों पर सघन जांच की। इस दौरान, 23 मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कुल 48 सक्रिय टिकटों जिनकी कीमत 77,804 रुपए थी और 65 प्रयुक्त टिकटों जिनकी कीमत 97,496 रुपए थी, को जब्त किया गया।

आरपीएफ ने लाखों रुपए के मादक पदार्थों को जब्त कर संबंधित विभागों को सौंपा। 58 अवसरों पर यात्रियों की गुम या भूली गईं चीजों, जैसे लैपटॉप, मोबाइल फ़ोन, आभूषण और अन्य व्यक्तिगत सामान, जिनकी कीमत 44.8 लाख रुपए थी, को बरामद किया और उनके सही मालिकों को वापस किया।

अतिरिक्त महाप्रबंधक पी अनंत ने आरपीएफ के कर्मियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अथक प्रयासों के साथ अपना कर्तव्य निभाया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

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