भुवनेश्वर/दक्षिण भारत। शहर एक ऐतिहासिक खेल आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, क्योंकि एफआईवीबी वॉलीबॉल वर्ल्ड बीच प्रो टूर (पुरुष एवं महिला) 4 से 8 मार्च तक केआईआईटी विश्वविद्यालय में ओडिशा में पहली बार आयोजित किया जाएगा।
यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप, जो भारत में पहली बार किसी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगी, 52 देशों की 82 टीमों को एकसाथ लाएगी। इसमें ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं सहित 306 मान्यता प्राप्त खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे।
यह टूर्नामेंट दुतीचंद एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा, जिसे केआईआईटी परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के बीच वॉलीबॉल एरीना में परिवर्तित किया गया है। कार्यक्रम का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। व्यवस्थाओं की निगरानी केआईआईटी और केआईआईएस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के मार्गदर्शन में की जा रही है। उन्होंने खिलाड़ियों की सुरक्षा, आवास, प्रशिक्षण सुविधाओं और आतिथ्य से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की है, ताकि आयोजन उच्चतम मानकों के अनुरूप संपन्न हों।
भुवनेश्वर में इस चैंपियनशिप की घोषणा एफआईवीबी के अध्यक्ष फैबियो अज़ेवेदो ने पिछले साल दिसंबर में वॉलीबॉल ग्रैंड प्रिक्स के अवसर पर केआईआईटी और केआईआईएस के दौरे के समय की थी।
केआईआईटी में वर्ल्ड-क्लास खेलकूद इंफ्रास्ट्रक्चर और ओडिशा के अच्छे खेल माहौल से प्रभावित होकर अज़ेवेदो ने घोषणा की कि एफआईवीबी बीच वॉलीबॉल इवेंट केआईआईटी और केआईआईएस के सहयोग से राज्य में लगातार तीन साल — 2026, 2027 और 2028 — आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. सामंत ने कहा कि केआईआईटी और केआईआईएस ने खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के विकास के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने कहा, 'वॉलीबॉल एक ग्रामीण खेल है और ओलंपिक खेल भी है। पिछले आठ वर्षों से, हमने इसके विकास के लिए लगातार कदम उठाए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों की भागीदारी को बढ़ावा दिया है।'
चैंपियनशिप में 82 अंतरराष्ट्रीय टीमों के 164 एलीट एथलीट हिस्सा लेंगे। उनके अलावा अंतरराष्ट्रीय रेफरी और वरिष्ठ एफआईवीबी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। मैचों को वॉलीबॉल वर्ल्ड टीवी के ज़रिए दुनियाभर में लाइव ब्रॉडकास्ट किया जाएगा। टूर्नामेंट 8 मार्च को ब्रॉन्ज़ मेडल मैच, गोल्ड मेडल फ़ाइनल और अवॉर्ड सेरेमनी के साथ संपन्न होगा।