नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति जताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने 'समर्पण' कर दिया है। उसका दावा है कि यह समझौता विभिन्न राज्यों के करोड़ों किसानों की आजीविका को 'तबाह' कर देगा।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि व्यापार समझौते 'किसी देश की संप्रभुता की बलि देकर' गुलामी का रास्ता नहीं बनना चाहिए।
सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'व्यापार समझौते आर्थिक प्रगति का मार्ग हैं। व्यापार समझौतों की मूल आधारशिला समान शर्तों पर पारस्परिक सार्वजनिक हित है। व्यापार समझौता किसी देश की संप्रभुता की बलि देकर गुलामी का रास्ता नहीं बनना चाहिए। व्यापार समझौतों के नाम पर राष्ट्रीय और सार्वजनिक हितों की बलि नहीं दी जा सकती।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरजेवाला के बयान को उद्धृत करते हुए कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि सुरजेवाला ने समझाया कि यह व्यापार समझौता विभिन्न राज्यों के लाखों किसानों की आजीविका को कैसे 'तबाह' कर देगा।
जयराम रमेश ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने पूरी तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने समर्पण कर दिया है — बिल्कुल उसी तरह जैसे उन्होंने 10 मई, 2025 को अचानक और अप्रत्याशित रूप से ऑपरेशन सिंदूर को रोकते समय किया था।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि अमेरिकी-भारतीय व्यापार समझौते के माध्यम से मोदी सरकार ने भारत के किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों की बलि दे दी है।
उन्होंने दावा किया, 'भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खुलेआम खतरे में डाला गया। भारत की डिजिटल स्वायत्तता और डेटा गोपनीयता के बारे में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। भारत के हितों की मजबूती से रक्षा करने के बजाय, एक बेबस सरकार ने भारत की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता से समझौता किया।'
सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों का भारत के कृषि बाजार में आयात किसानों की आजीविका पर 'सीधा हमला' है।