नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप देख ही रहे हैं कि मीडिया में किस प्रकार सदन में हो रही गतिविधियों को लेकर घमासान मचा हुआ है। पूरे देश में विपक्ष जानबूझकर अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह आज से नहीं हो रहा, बल्कि जब से भाजपा-राजग की सरकार बनी है, तब से राहुल गांधी, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जॉर्ज सोरोस के इशारों पर देश के संवैधानिक संस्थानों, जैसे उच्चतम न्यायालय, चुनाव आयोग, लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पर लगातार हमले कर रहे हैं।
डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा और भारत के लोकतंत्र के खिलाफ पहले कांग्रेस और अब ममता बनर्जी ने एसआईआर को फर्जी बताकर एक खास तरह का माहौल बनाने की कोशिश की। यह नैरेटिव गढ़ा गया कि एसआईआर फर्जी है, यह चुनावी रोल की शुचिता के लिए नहीं है, यह भाजपा के फायदे के लिए है, और यह मसौदा गैर-कानूनी है।
डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि बीते सप्ताह ममता बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय में दलील दी कि एसआईआर के माध्यम से बंगाल में अत्याचार हो रहा है और इसे तुरंत खारिज किया जाना चाहिए, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने जो निर्णय दिया वह ममता बनर्जी और तृणकां सरकार के लिए करारा झटका है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सभी प्रदेश यह जान लें कि एसआईआर को रोका नहीं जाएगा।
डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि कई जागरूक नागरिकों ने फॉर्म 7 में वोटर की जानकारी से जुड़ी गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई। तृणकां ने फॉर्म 7 के दस्तावेज जला दिए, जिनका इस्तेमाल वोटर का नाम शामिल होने पर आपत्ति जताने के लिए किया जाता है। उच्चतम न्यायालय को दखल देना पड़ा। उसने यह भी कहा कि ममता बनर्जी हिंसा रोकने में नाकाम रहीं।