नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला, जो कभी माओवादियों की हिंसा के लिए जाना जाता था।
उन्होंने 7 से 9 फरवरी के बीच आयोजित ‘बस्तर पांडु’ विशेष उत्सव की भी सराहना की।
मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराएं और आदिवासी विरासत भव्य तरीके से प्रदर्शित की गईं।'
उन्होंने कहा, 'इस प्रयास से जुड़े सभी परिवारों के सदस्यों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।'
प्रधानमंत्री ने पहले कहा था कि जब भी बस्तर का नाम लिया जाता था, तो माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन की छवियां दिमाग में आती थीं।
मोदी ने कहा, 'लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। आज बस्तर अपने विकास के लिए ही नहीं, बल्कि यहां के स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए भी जाना जाता है।'
उन्होंने कहा, 'मेरी यही कामना है कि इस क्षेत्र का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से भरा हो।'