गुवाहाटी/दक्षिण भारत। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से पाकिस्तान के रावलपिंडी ज़िले की अपनी 'यात्रा' को लेकर 'पारदर्शी स्पष्टीकरण' की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके वीज़ा में 'स्पष्ट रूप से केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद की यात्रा की अनुमति' दी गई थी।
सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान के आव्रजन नियमों के तहत वीज़ा में निर्धारित शहरों से बाहर यात्रा करने की अनुमति बिना विशेष स्वीकृति के नहीं होती है।
इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा कि सरमा 'अपने ही झूठ के जाल में फंसकर लड़खड़ा रहे हैं और डूब रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि कूटनीतिक पासपोर्ट हासिल करने के लिए केंद्र को जो सामान्य पासपोर्ट जमा किया गया था, उसमें उनकी यात्रा से जुड़ीं 'सभी जानकारियां' मौजूद हैं।
सरमा और गोगोई के बीच जुबानी जंग जारी है। सरमा ने आरोप लगाया है कि गोगोई और उनके परिवार के पाकिस्तान से संबंध हैं।
गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पत्नी साल 2013 में काम के सिलसिले में पाकिस्तान गई थीं। उसी साल वे भी दिसंबर में उनके साथ 10 दिनों की यात्रा पर पाकिस्तान गए थे।
सरमा ने कहा, 'तक्षशिला इस्लामाबाद में नहीं है, बल्कि पंजाब के रावलपिंडी जिले में स्थित है। यह तथ्य गंभीर और अनिवार्य प्रश्न खड़ा करता है। अगर उनके पाकिस्तान वीज़ा में स्पष्ट रूप से केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद की यात्रा की अनुमति थी, तो उन्होंने तक्षशिला की यात्रा कैसे की, जो इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र से बाहर और पूरी तरह रावलपिंडी जिले में स्थित है?'