शिलांग/दक्षिण भारत। मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के एक गांव में गुरुवार को एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में धमाका हुआ, जिसमें कई मजदूरों के मारे जाने की आशंका है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई। उन्होंने मीडिया को बताया, 'हमारी टीम ने पुष्टि की है कि यह घटना आज सुबह हुई, लेकिन अंदर मौजूद लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।'
मीडिया रिपोर्टों संदेह जताया गया है कि यह धमाका उस जगह पर कोयला खनन संबंधी गतिविधियों के दौरान हुआ, जो गैर-कानूनी तरीके से संचालित की जा रही थी। ये पंक्तियां लिखे जाने तक धमाके की असल वजह सामने नहीं आई। जांच के बाद ही खुलासा होगा।
घायल लोगों को एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए शिलांग रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाने के लिए एसडीआरएफ से मदद मांगी है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने साल 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन और खनन के दूसरे अवैज्ञानिक तरीकों पर पर्यावरण को नुकसान और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे तरीकों से निकाले गए कोयले की अवैध ढुलाई पर भी रोक लगा दी थी।
रैट-होल माइनिंग के तहत संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं। ये लगभग तीन से चार फीट ऊंची होती हैं। इनके मज़दूर अंदर रेंगकर जाते हैं और कोयला निकालते हैं।