एसआईआर मामला: ममता बनर्जी ने लोकतंत्र बचाने के लिए उच्चतम न्यायालय से अपील की

बंगाल को निशाना बनाए जाने और लोगों को कुचले जाने का आरोप लगाया

Photo: MamataBanerjeeOfficial FB Page

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष एसआईआर में हस्तक्षेप करने के लिए उच्चतम न्यायालय से अपील की, ताकि 'लोकतंत्र को बचाया जा सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को निशाना बनाया जा रहा है और उसके लोगों को बुलडोज़ किया जा रहा है।

शीर्ष न्यायालय ने ममता बनर्जी की याचिका और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए उन तर्कों पर संज्ञान लिया, जो किसी कार्यरत मुख्यमंत्री द्वारा उसके समक्ष बहुत कम ही रखे जाते हैं, और कहा कि 'वास्तविक व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में बने रहने चाहिएं।'

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने नोटिस जारी किए और उनकी याचिका पर चुनाव आयोग तथा पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा।

'पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है?' — बनर्जी ने आरोप लगाया और सवाल किया कि असम में वही मानदंड क्यों लागू नहीं किए गए? 
 
मुख्यमंत्री ने कहा, 'वे पश्चिम बंगाल को निशाना बनाकर उसके लोगों को कुचलना चाहते हैंं? पीठ ने उन्हें अपने वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की दलीलों को पूरक रूप से रखने की अनुमति दी थी।

उन्होंने पीठ से न्याय की मांग करते हुए कहा, 'हमें कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है। मैंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे हैं।
 
सुनवाई के अंत में, बनर्जी ने बहस का अवसर देने के लिए पीठ के प्रति आभार व्यक्त किया और उससे 'लोकतंत्र को बचाने' का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती दी है।

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