नई दिल्ली/दक्षिण भारत। मूडीज़ रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि अधिकांश भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क दर में कमी श्रम-सघन क्षेत्रों, जैसे गहने, आभूषण, वस्त्र और परिधान के लिए क्रेडिट पॉजिटिव है, जो शीर्ष निर्यात क्षेत्र हैं।
बता दें कि भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत वॉशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर आपसी शुल्क दर को वर्तमान 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन बातचीत के बाद दी।
मूडीज़ ने एक बयान में कहा कि यह व्यापार समझौता भारत के अमेरिकी वस्तु निर्यात वृद्धि को फिर से प्रोत्साहित करेगा, जो देश का सबसे बड़ा वस्तु निर्यात बाजार बना हुआ है और साल 2025 के पहले 11 महीनों में भारत के कुल वस्तु निर्यात का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा रहा है।
उसने कहा कि कम सीमा शुल्क दर उन श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए भी क्रेडिट-पॉजिटिव होगी, जैसे कि आभूषण, ज्वैलरी, वस्त्र और परिधान, जो शीर्ष निर्यात क्षेत्रों में शामिल हैं।
हालांकि, फार्मास्यूटिकल्स और कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, जो अन्य दो प्रमुख निर्यात क्षेत्र हैं, पहले ही अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत उच्च सीमा शुल्क से मुक्त थे और इसलिए शुल्क में कटौती से प्रभावित होने की संभावना कम है।
मूडीज़ ने कहा, 'पूरी तरह से गैर-रूसी तेल की ओर शिफ्ट होने से अन्य जगहों पर आपूर्ति सघन हो सकती है, कीमतें बढ़ सकती हैं और चूंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है, यह उच्च मुद्रास्फीति में बदल सकता है।'