केंद्र सरकार ने अपने बजट में संतुलन रखते हुए सभी वर्गों का ध्यान रखने की कोशिश की है। इससे अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। सरकार ने बायोफार्मा क्षेत्र के लिए जो घोषणाएं की हैं, वे देश को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद करेंगी। समर्पित दुर्लभ धातु गलियारों की स्थापना के लिए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को मदद देने के प्रस्ताव से खनन, प्रसंस्करण और अनुसंधान के नए द्वार खुलेंगे। देश में रसायन उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन समर्पित केमिकल पार्क स्थापित करने की योजना से विदेशों पर निर्भरता कम होगी। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने से देशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने 20 हजार से ज्यादा पशु चिकित्सकों की उपलब्धता की घोषणा कर पशुधन स्वास्थ्य एवं संवर्द्धन का ध्यान रखा है। निजी क्षेत्र में पशु रोग विशेषज्ञ और पैरा पशु शल्य महाविद्यालय एवं अस्पतालों की स्थापना के लिए ऋण संबद्ध पूंजी सब्सिडी सहायता गांवों में पशुपालकों के लिए मददगार साबित होगी। 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और पांच सौ महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद का प्रस्ताव नई प्रतिभाओं को आकार देगा। वीजीएफ / पूंजीगत सहायता के जरिए हर जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना करने से नारी शक्ति को संबल मिलेगा। इससे पढ़ाई और रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी। आईआईएम के सहयोग से हाइब्रिड मोड में 12 हफ्ते के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन के लिए योजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, युवाओं को रोजगार में मदद मिलेगी।
पांच सौ जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास, पशुपालन और उच्च मूल्य वाली कृषि को प्रोत्साहन देने से किसानों को फायदा होगा। उन्हें परंपरागत खाद्यान्न की जगह नारियल, चंदन, कोको, काजू जैसी फसलों से जोड़ने से खेती मुनाफे का सौदा बनेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और खुबानी की खेती को प्रोत्साहन मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। इसके अलावा, देश में पोषण की स्थिति में सुधार होगा। बहु-भाषी एआई टूल 'भारत-विस्तार' किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। खेती संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध होने से किसानों के लिए जोखिम कम होगा। वे सही समय पर सही फैसले लेकर फसलों से ज्यादा फायदा ले सकेंगे। 17 औषधियों पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट देने से कई परिवारों को राहत मिलेगी। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना, वस्त्र क्षेत्र में नई योजनाओं और उच्च तकनीकी उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहन मिलने से भारत के उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धा करने में सक्षम होंगे। 10,000 करोड़ रुपए की समर्पित एसएमई निधि से उत्कृष्ट उद्यमों का निर्माण होगा। देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित योजना रोजगार के अनेक अवसरों का सृजन करने के साथ विदेशी मुद्रा भंडार के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगी। पड़ोसी देशों के अलावा यूरोप से भी हजारों लोग भारत में इलाज कराने आते हैं। विभिन्न शहरों के बीच सात उच्च-गति रेल कॉरिडोर विकसित करने के फैसले से करोड़ों नागरिक लाभान्वित होंगे। ये कॉरिडोर विकास संयोजक की भूमिका निभाएंगे। इनसे आवागमन तेज होगा। आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। भारत के विकास में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आज ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंकों से जोड़ने, नई तकनीक अपनाने और ऋण उपलब्धता सुलभ कराने की जरूरत है। सरकार ने 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव रखकर समावेश और उपभोक्ता सुरक्षा पर जोर दिया है। अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन घोषणाओं को धरातल पर शीघ्र लागू कर विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे।