बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस 27 जनवरी को ‘राजभवन चलो’ कार्यक्रम आयोजित करेगी, ताकि मनरेगा को वीबी-जी राम जी से बदलने के फैसले का विरोध किया जा सके।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने के लिए कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पूरे राज्य के सभी तालुकों में पदयात्रा निकालेंगे।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, 'असल में हमें ‘भाजपा दफ्तर चलो’ करना चाहिए था, क्योंकि मनरेगा को खत्म करने के लिए वही जिम्मेदार हैं, लेकिन हम ‘राजभवन चलो’ कार्यक्रम कर रहे हैं।'
उनके अनुसार, राज्य के प्रत्येक तालुक में कम से कम पांच किलोमीटर की ‘पदयात्रा’ आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, पंचायत स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
शिवकुमार ने कहा कि मनरेगा को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, जिसे 20 साल पहले मनमोहन सिंह सरकार ने एक संवैधानिक अधिकार के रूप में लागू किया था।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई उस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार का अधिकार सुनिश्चित किया था, लेकिन अब उस अधिकार में कटौती की गई है। इसलिए इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन की योजना बनाई गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'हम इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने और विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के लिए भी तैयार हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में मनरेगा की बहाली तक यह आंदोलन जारी रहेगा।'
प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, 'हम उस कानून को वापस लेने की मांग करेंगे जो मनरेगा को नष्ट करने का प्रयास करता है। जिस तरह काले कृषि कानूनों को वापस लिया गया था, उसी तरह इसे भी रद्द किया जाना चाहिए। इसके वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा।'