न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को समाप्त कराने को व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में दोनों देश 'परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे' और युद्ध को रोककर उन्होंने लाखों लोगों की जान बचाई।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने '10 महीनों में आठ ऐसे युद्धों को समाप्त किया, जिन्हें कभी खत्म न किया जा सकने वाला माना जाता था।'
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की एक साल की वर्षगांठ पर आयोजित एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ये ऐसे युद्ध थे जिन्हें कभी समाप्त न किया जा सकता था— कंबोडिया और थाईलैंड वर्षों से लड़ रहे थे, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा। पाकिस्तान और भारत — वे सचमुच एक-दूसरे पर पूरी तरह टूट पड़े थे। आठ विमान मार गिराए गए। मेरी राय में वे परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे।'
व्हाइट हाउस के खचाखच भरे प्रेस ब्रीफिंग कक्ष को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, जो पिछले वर्ष वाशिंगटन में उनसे मिलने आए थे, ने कहा था कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने एक करोड़ लोगों की जान बचाई, और शायद उससे भी कहीं अधिक।’ दोनों ही परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद के हिस्से में, जो कुल 105 मिनट तक चली, ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को समाप्त कराने का श्रेय खुद को दिया।
यह पूछे जाने पर कि नोबेल शांति पुरस्कार जीतने से आम अमेरिकी नागरिकों के जीवन में कैसे सुधार आता, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनियाभर में आठ युद्धों को समाप्त कर संभवतः करोड़ों लोगों की जान बचाई।
ट्रंप ने कहा, 'अगर आप आंकड़ों को जोड़ें — सिर्फ किसी एक युद्ध को ही देखें — तो बात लाखों लोगों की होती है। इसे आठ से गुणा करें। लेकिन जब आप भारत और पाकिस्तान को देखते हैं, तो यह 1 करोड़, 1.5 करोड़, 2 करोड़ लोगों तक हो सकता था। इससे भी ज़्यादा हो सकता था। इसलिए मैंने लाखों लोगों की जान बचाई। मेरे लिए यही सबसे बड़ी बात है।'