सिंगूर/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सिंगूर का यह जनसैलाब, आप सभी का यह जोश, यह उत्साह पश्चिम बंगाल की नई कहानी बता रहा है। सभी एक ही भाव से, एक ही आस लेकर आए हैं कि 'हमें असली परिवर्तन चाहिए।' हर कोई 15 वर्ष के महा-जंगलराज को बदलना चाहता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी-अभी भाजपा और राजग ने बिहार में जंगलराज को एक बार फिर से रोका है। अब पश्चिम बंगाल भी तृणकां के महा-जंगलराज को विदा करने के लिए तैयार है। मैं आज ऐसे समय में सिंगूर आया हूं, जब देश ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया है। संसद में भी विशेष चर्चा करके वंदे मातरम् का गौरव गान किया है। पूरी संसद ने, पूरे देश ने ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धाभाव से नमन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हुगली और वंदे मातरम् का रिश्ता तो और भी विशेष है। कहते हैं कि यहीं पर ऋषि बंकिमजी ने वंदे मातरम् को उसका पूर्ण स्वरूप दिया। जिस प्रकार वंदे मातरम् आजादी का उद्घोष बना था, उसी तरह हमें वंदे मातरम् को, पश्चिम बंगाल और भारत को विकसित बनाने का मंत्र भी बनाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भाजपा सरकार ही है, जिसने दिल्ली में कर्तव्य पथ पर, इंडिया गेट के सामने नेताजी सुभाष बाबू की प्रतिमा लगाई है। पहली बार लाल किले से आजाद हिंद फौज के योगदान को नमन किया गया। अंडमान निकोबार में नेताजी के नाम पर द्वीप का नाम रखा गया। पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम 24 या 25 तारीख से शुरू होते थे और 30 जनवरी को पूरे होते थे। हमने यह कार्यक्रम बदल दिया। हमने अब 23 जनवरी यानी सुभाष बाबू की जयंती से शुरू किया और महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पूरा करने का तय किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्ला भाषा और साहित्य बहुत ही समृद्ध हैं, लेकिन बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी तब मिला, जब आपने मुझे आशीर्वाद देकर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाई। भाजपा सरकार के प्रयासों से ही दुर्गा पूजा को यूनेस्को में सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा निरंतर प्रयास रहता है कि बंगाल के नौजवानों, किसानों, माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करूं, लेकिन यहां की तृणकां सरकार, केंद्र सरकार की योजनाओं को आप तक ठीक से पहुंचने ही नहीं देती। तृणकां तो बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल रही है! तृणकां यहां के नौजवानों, यहां की माताओं-बहनों, यहां के किसानों से दुश्मनी ठाने हुए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के मछुआरों से तृणकां कैसे अपनी दुश्मनी निकाल रही है, इसका मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। बंगाल में लाखों परिवार मछली के काम से जुड़े हुए हैं। यहां से अभी जितनी मछली एक्सपोर्ट होती हैं, उससे कहीं अधिक संभावनाएं यहां है, यहां के मछुआरे भाई-बहनों में वो ताकत है। इसके लिए जरूरी है कि मछुआरे भाई-बहनों को मदद और बेहतर टेक्नोलॉजी मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ देशभर के मछुआरों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देशभर की राज्य सरकारें अपने यहां के मछुआरों के नाम रजिस्टर करवा रही हैं, लेकिन बंगाल में इस काम पर ब्रेक लगा हुआ है। हम बंगाल की तृणकां सरकार को बार-बार चिट्ठी लिखते हैं। तृणकां सरकार यहां के मछुआरों के रजिस्ट्रेशन में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। इससे बंगाल के मछुआरों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी केंद्र की योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के काम में रुकावट डालने वाली हर सरकार को अब देश का जागरूक मतदाता लगातार सजा दे रहा है। दिल्ली में भी एक ऐसी ही सरकार थी, जो केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। हम उनको कहते रहे कि दिल्ली के गरीब परिवारों के लिए मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान स्कीम लागू करें, लेकिन वे सुनते ही नहीं थे। इसलिए दिल्ली की जनता ने उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और अब दिल्ली में आयुष्मान योजना से गरीबों का मुफ्त इलाज हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता भी अब ठान चुकी है। यहां के लोग तृणकां की निर्मम सरकार को सबक सिखाने वाले हैं, ताकि यहां भी भाजपा सरकार बने और आयुष्मान भारत योजना बंगाल में भी लागू हो, गरीबों को मुफ्त इलाज मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में भाजपा की डबल इंजन सरकार बननी बहुत जरूरी है। जहां भी भाजपा की डबल इंजन सरकार है, वहां केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत बहुत शानदार काम हो रहा है। बंगाल से तृणकां के महा-जंगलराज का जाना और भाजपा के सुशासन का आना बहुत जरूरी है। इसके लिए ईश्वरचंद्र विद्यासागर के बताए रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने नारीशक्ति और युवाशक्ति को परिवर्तन का माध्यम बनाया था। अब बंगाल की बहन-बेटियों को, यहां के नौजवानों को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। तृणकां के राज में बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की शिक्षा व्यवस्था भी माफिया और भ्रष्टाचारियों के कब्जे में है, इसलिए मैं पश्चिम बंगाल की माताओं-बहनों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। आपके बेटे-बेटियों को तब तक अच्छी शिक्षा और अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी, जब तक यहां तृणकां के पास सत्ता की ताकत रहेगी, इसलिए आपको आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा को आपका एक वोट पक्का करेगा कि यहां कॉलेजों में दुष्कर्म और हिंसा की घटनाओं पर लगाम लगे। भाजपा को आपका एक वोट पक्का करेगा कि बंगाल में फिर से संदेशखली जैसी घटनाएं न हों।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में हर चीज पर सिंडिकेट टैक्स लगाया जाता है। इस टैक्स को, माफियावाद को भाजपा सरकार ही खत्म करेगी। यह भी मोदी की गारंटी है। तृणकां सरकार पश्चिम बंगाल और देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां के नौजवानों को ख़ासतौर पर बहुत सावधान रहना है। तृणकां यहां घुसपैठियों को भांति-भांति की सुविधाएं देती है, उन्हें बचाने के लिए धरने प्रदर्शन करती है। आप याद रखिए, तृणकां को घुसपैठिए इसलिए पसंद हैं, क्योंकि वो इनके पक्के वोट बैंक हैं। घुसपैठियों को बचाने के लिए तृणकां किसी भी हद तक जा सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणकां ऐसे गिरोह को संरक्षण देती है, जो घुसपैठियों को सुरक्षा देते हैं, उनके लिए फर्जी डॉक्यूमेंट बनाते हैं। अब समय आ गया है, जब घुसपैठ को भी पूरी तरह रोकना होगा। जो लोग बीते दशकों में फर्जी कागज बनाकर यहां घुलमिल गए हैं, उनकी पहचान करके उन्हें उनके देश वापस भी भेजना होगा। यह काम आपका एक वोट कर सकता है। भाजपा को दिया आपका एक-एक वोट घुसपैठियों को भगा सकता है।