अगरतला/दक्षिण भारत। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भरोसा जताया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में सत्ता बरकरार रखेगी। ये चुनाव मार्च या अप्रैल में होने की संभावना है।
गुरुवार को त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर में माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम फरवरी में घोषित होने की संभावना है।
सरमा ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों और सभी 100 प्रतिशत वादों को पूरा किए जाने के मद्देनज़र, पार्टी 126-सदस्यीय असम विधानसभा में भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विकास और पहचान के मुद्दों पर चुनाव लड़ने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 1.6 लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
सरमा ने पूर्वोत्तर, विशेषकर असम में बांग्लादेशियों की घुसपैठ को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, 'पूर्वोत्तर, विशेषकर असम में घुसपैठ एक जटिल स्थिति है। आशंका है कि जनगणना के बाद असम में मुस्लिम आबादी कुल आबादी का 40 प्रतिशत हो जाएगी। हम अपनी बचे रहने की लड़ाई लड़ रहे हैं।'
सरमा ने कहा कि त्रिपुरा और असम की सरकारें घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की सरकार राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, 'अगर हम पूर्वोत्तर में अस्तित्व बचाना चाहते हैं तो हमें भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ बहुत कुछ करना होगा। इसलिए असम और त्रिपुरा में भाजपा का सत्ता में रहना बेहद महत्त्वपूर्ण है। पश्चिम बंगाल के चुनावों में भाजपा की जीत भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है।'