योगी सरकार की सख्ती, 38 बांग्लादेशियों को निकाला गया

उप्र में बांग्लादेशियों पर रखी जा रही कड़ी नज़र

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आगरा/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश के आगरा से शनिवार को आठ बच्चों सहित कुल 38 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी है।

सहायक पुलिस आयुक्त (खुफिया) दिनेश सिंह ने बताया कि सिकंदरा थाना क्षेत्र के सेक्टर-15 में 38 बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते हुए पाए गए थे।

इनमें से 30 वयस्क (पुरुष और महिलाएं) थे और आठ नाबालिग थे। इनमें से किसी के पास भी कोई वैध दस्तावेज नहीं था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अवैध रूप से रहने के आरोप में उन्हें अदालत में पेश किया, और अदालत ने उन्हें विदेशी अधिनियम के तहत सजा सुनाई।

एक अधिकारी ने बताया ​कि इन बांग्लादेशियों को जेल की सज़ा पूरी होने के बाद डिपोर्ट किया गया है। उक्त लोगों को पूर्व में अदालत में पेश किया गया था। वहां उन्हें दोषी ठहराया गया और तीन साल की सज़ा सुनाई गई थी। 

पुरुषों और महिलाओं को जेल में रखा गया, जबकि बच्चों को एक बाल आश्रय गृह में रखा गया था। एक पुलिस टीम उनके साथ पश्चिम बंगाल गई। वहां बीएसएफ को सौंप दिया गया और बांग्लादेश सीमा तक ले जाया गया।

बीएसएफ ने औपचारिकताएं पूरी करने और उन्हें डिपोर्ट करने में मदद करने के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की है। यह पूरी प्रक्रिया सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की जा रही है।

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