अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया, मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा

प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे ट्रंप

Photo: @realDonaldTrump

काराकास/दक्षिण भारत। अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया और कहा कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है। इस ऑपरेशन की घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के घंटों बाद सोशल मीडिया पर की।

कई धमाके हुए और राजधानी कराकस के ऊपर से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान गुज़रे। इसके बाद मादुरो सरकार ने तुरंत अमेरिका पर नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमला करने का आरोप लगाया। वेनेजुएला सरकार ने इसे साम्राज्यवादी हमला बताया और नागरिकों से सड़कों पर उतरने की अपील की।

वेनेजुएला के अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को राजधानी काराकास में धमाकों की आवाज़ सुने जाने के बाद देश पर अमेरिका ने सीधा हमला किया था। विदेश मंत्री इवान गिल ने वॉशिंगटन पर लैटिन अमेरिकी देश के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्ज़ा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

धमाकों के तुरंत बाद वेनेजुएला में इमरजेंसी लगा दी गई। सरकार ने कहा है कि ये हमले मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा राज्यों में भी हुए।

ये हमले वाशिंगटन और काराकास के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए हैं। ट्रंप ने बार-बार वेनेजुएला की सरकार पर बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और कैरिबियन और पूर्वी प्रशांत महासागर में संदिग्ध तस्करी मार्गों को निशाना बनाने के लिए अमेरिकी सैन्य अभियानों का विस्तार करने की अनुमति दी है।

मदुरो ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके देश पर किसी भी सीधी सैन्य कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।

ट्रंप ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग साढ़े चार बजे ट्रुथ सोशल पर इन कार्रवाई की घोषणा की और कहा कि वे सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

रूस ने अमेरिकी 'आक्रामकता' की निंदा की

रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ़ अमेरिका की सशस्त्र आक्रामकता की निंदा की और संयम बरतने की अपील करते हुए आगे तनाव बढ़ने के खिलाफ़ चेतावनी दी है। 

मॉस्को ने वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता दोहराई और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि लैटिन अमेरिका शांति का क्षेत्र बना रहना चाहिए और वेनेजुएला को बिना किसी बाहरी दखल के अपना भविष्य तय करने की आज़ादी होनी चाहिए।
 
स्टेट ड्यूमा की विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन लियोनिद स्लटस्की ने वेनेजुएला पर हमले को एक अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन बताया, जिसका मकसद एक अवांछित सरकार को बदलना था। उन्होंने वॉशिंगटन पर आरोप लगाया कि वह देश पर अपनी मर्ज़ी थोपना चाहता है। 

वामपंथी पार्टियों ने अमेरिकी हमले की निंदा की
 
वामपंथी पार्टियों ने शनिवार को वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की निंदा की और कहा कि असली निशाना वहां के तेल भंडार हैं।

यहां जारी एक बयान में, सीपीआई (एम) ने अमेरिकी हमले को तुरंत बंद करने और कैरेबियन सागर से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने की मांग की।

सीपीआई (एम) ने कहा कि वह वेनेजुएला पर अमेरिका की खुली आक्रामकता की कड़ी निंदा करती है, जिसमें उसने देश में कई जगहों पर बमबारी की है।

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