बेंगलूरु/दक्षिण भारत। एयर मार्शल सीथेपल्ली श्रीनिवास ने गुरुवार को भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) का पदभार संभाला। उन्होंने ट्रेनिंग कमांड वॉर मेमोरियल पर माल्यार्पण कर शहीदों को नमन किया।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र, एयर मार्शल श्रीनिवास 13 जून, 1987 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। वे ‘कैटेगरी ए’ क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं, जिनके पास मिग-21, इस्करा, किरण, पीसी-7 एमके 2, एचपीटी-32 और माइक्रोलिट जैसे एयरक्राफ्ट पर 4,200 घंटे से ज़्यादा का फ्लाइंग अनुभव है। वे चेतक/चीता हेलीकॉप्टर पर सेकंड पायलट के तौर पर भी क्वालिफाइड हैं और पेचोरा मिसाइल सिस्टम पर कैटेगराइज़्ड ऑपरेशंस ऑफिसर रहे हैं।
उन्होंने कई कमांड पदों पर काम किया है। वे वायुसेना अकादमी के कमांडेंट, पश्चिमी सीमा पर फ्रंटलाइन फाइटर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग, प्रमुख फ्लाइंग ट्रेनिंग बेस, एओसी एडवांस एचक्यू वेस्टर्न एयर कमांड (जयपुर), प्रतिष्ठित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल के कमांडिंग ऑफिसर, इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस सेफ्टी के कमांडेंट और बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल के सीओ रह चुके हैं।
उनके स्टाफ और अन्य नियुक्तियों में असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (पर्सनल ऑफिसर्स), वायुसेना अकादमी में चीफ इंस्ट्रक्टर (फ्लाइंग), एचक्यू सेंट्रल एयर कमांड में ऑप्स स्टाफ और कॉलेज ऑफ एयर वॉरफेयर में डायरेक्टिंग स्टाफ शामिल हैं। अपनी मौजूदा जिम्मेदारी से पहले, वे एचक्यू एसडब्लूएसी में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर थे।
एयर मार्शल नेशनल डिफेंस कॉलेज, कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के स्नातक हैं। उनकी शैक्षिक योग्यताओं में डिफेंस और स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ में मास्टर ऑफ फिलॉसफी, मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ और डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ में मास्टर ऑफ साइंस शामिल हैं।
उन्हें राष्ट्रपति द्वारा साल 2017 में विशिष्ट सेवा मेडल और साल 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।