पर्यटकों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी

कुछ लोगों की गलत हरकतें पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं

रूसी महिलाओं के बारे में बहुत गलत बातें प्रसारित की जा रही हैं

नए साल पर दुनियाभर से बड़ी संख्या में पर्यटक भारत आते हैं। वे यहां के अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं, स्वदेश लौटकर अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और परिचितों को बताते हैं। अगर वे सुखद अनुभव लेकर जाते हैं तो इससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलता है। हाल में सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो चर्चा में रहे, जिनसे अच्छा संदेश नहीं गया। एक दक्षिण कोरियाई युवती ने छेड़छाड़ से परेशान होकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे सुनकर कई विदेशी नागरिकों ने यहां आने का इरादा बदल दिया होगा। कुछ लोगों की गलत हरकतें पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उनकी वजह से पर्यटन उद्योग को आर्थिक क्षति होती है। जब विदेशी नागरिक पर्यटन के लिए हमारे देश में आते हैं तो वे रोजगार के अनेक अवसरों का सृजन करते हैं। इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ता है और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पर्यटकों को सुरक्षित महसूस कराए। ज्यादातर लोग ऐसा करते हैं। बस, कुछ खुराफाती तत्त्व हैं, जो पर्यटकों को परेशान करने में अपनी बड़ाई समझते हैं। उनकी उद्दंडता इसलिए भी बढ़ती जाती है, क्योंकि पहले ऐसी हरकतों की वजह से उनके खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई थी। अब सोशल मीडिया का ज़माना है, इसलिए पीड़ित पर्यटक या वहां मौजूद लोग वीडियो बनाकर पोस्ट कर देते हैं, जिससे घटना का पता चल जाता है और प्रशासन भी हरकत में आता है। पहले जब यह माध्यम नहीं था, तब कितने पर्यटकों को परेशान किया गया होगा?

विदेशी पर्यटकों, खासकर महिलाओं की शिकायत रहती है कि उन्हें लोग घूरते रहते हैं। कुछ लोग पास आकर सेल्फी लेना चाहते हैं। उनकी देखादेखी अन्य लोग आ जाते हैं। वे उनसे हाथ मिलाना चाहते हैं। उन्हें विनम्रतापूर्वक मना करने पर भी पीछा नहीं छोड़ते। ऐसे वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें कोई व्यक्ति विदेशी पर्यटकों को अभद्र शब्दों से संबोधित करता दिखाई देता है। उसे भ्रम होता है कि उन्हें इनका मतलब नहीं मालूम होगा। पर्यटकों के फोन में कोई ऐप जरूर होता है, जिसकी मदद से वे ऐसे शब्दों का अपनी भाषा में मतलब जान सकते हैं। कई लोगों को और कुछ नहीं सूझता तो वे पर्यटक से रुपए मांगना ही शुरू कर देते हैं। जब पीछा छुड़ाना मुश्किल हो जाता है तो पर्यटक उन्हें एक-दो नोट देने में अपनी भलाई समझते हैं। ऐसे 'तेजस्वी' लोगों की कमी नहीं है, जो फिल्मों के आधार पर विदेशी नागरिकों के चाल-चलन के बारे में धारणा बना लेते हैं। सोशल मीडिया पर हास्य के नाम पर रूसी महिलाओं के बारे में बहुत गलत बातें प्रसारित की जा रही हैं। पिछले साल उदयपुर घूमने आई एक रूसी महिला को देखते ही किसी युवक ने उसके बारे में अभद्र टिप्पणी कर दी थी। महिला का पति भारतीय था, जिसने युवक के कृत्य पर आपत्ति जताई और मामला काफी चर्चा में रहा था। ऐसे अपराधियों को क्षमा करने का मतलब है- भविष्य में उन्हें और छूट देना। पुलिस को इनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ऐसी मानसिकता रखने वाले अन्य लोगों को सबक मिले। विदेशी पर्यटक भारतीय खानपान को बहुत पसंद करते हैं। हालांकि उनकी एक शिकायत भी है। वे कहते हैं कि सफाई की ओर कम ध्यान दिया जाता है। इसे बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। पकवानों की रेहड़ी / दुकान पर हजारों या लाखों रुपए लगाने के बाद कुछ रुपए साफ-सुथरे दस्ताने खरीदने पर खर्च कर देंगे तो इससे कोई घाटा नहीं हो जाएगा। यह छोटा-सा निवेश ग्राहक का विश्वास जीतेगा और कमाई में भी बढ़ोतरी करेगा। स्वाद के साथ सफाई का ध्यान जरूर रखें।

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