बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने बुधवार को कांग्रेस सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राज्य में 'मिनी बांग्लादेश' बनाने का आरोप लगाया।
येलाहंका के कोगिलु लेआउट में अतिक्रमण वाली जगह का दौरा करने के बाद, अशोक ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और अवैध बस्तियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
अशोक ने कहा कि सरकार बदलने के बाद राज्य में एक चिंताजनक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। उन्होंने सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा करके रहने वालों की पहचान और मूल स्थान पर सवाल उठाया।
भाजपा नेता ने बताया कि एक साल पहले गूगल मैप्स पर उस इलाके में कोई घर नहीं दिख रहे थे, जिससे पता चलता है कि ये बस्तियां पिछले छह महीनों में ही बनी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी जल्दी बिजली के कनेक्शन कैसे दिए गए।
अशोक ने कहा, 'सिद्दरामय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार कर्नाटक में बहुत सारे मिनी बांग्लादेशी बना रही है। इतने लंबे समय तक कन्नड़ लोगों को ... बनाने के बाद, अब वे राज्य में एक मिनी बांग्लादेश बना रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में करीब चार लाख लोग बिना बिजली के रह रहे हैं क्योंकि उनके घरों को अवैध माना गया है, जबकि कोगिलु झुग्गी के निवासियों को हाई-एंड केबल बिजली कनेक्शन दिए गए हैं।
उन्होंने पूछा, 'जब इस राज्य के टैक्स देने वाले लोग बिना बिजली के रह रहे हैं, तो इन लोगों को महंगे केबल कनेक्शन कैसे मिल रहे हैं? क्या वे सिद्दरामय्या के रिश्तेदार हैं?'
अशोक ने दावा किया कि ये निवासी आंध्र प्रदेश के पेनुकोंडा से आए थे और उनकी उम्र और रहने की अवधि के बारे में विरोधाभासी दावों पर सवाल उठाए। ज़मीन को लगभग 600 करोड़ रुपए की प्राइम प्रॉपर्टी बताते हुए, अशोक ने पूछा कि सरकार किस कानून के तहत इसे अलॉट करने का प्रस्ताव दे रही है? उन्होंने सरकार पर बाढ़ पीड़ितों और शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया, 'बाढ़ में करीब 13,000 घर बर्बाद हो गए। किसान अभी भी बिना छत के हैं। 2,400 स्कूलों की छतें उड़ गई हैं और पेड़ों के नीचे क्लासें लग रही हैं, लेकिन यहां दो दिन में फ्लैट अलॉट किए जा रहे हैं।'
अशोक ने कहा कि ऐसी बस्तियां क्राइम हब बन जाएंगी। उन्होंने सरकार पर पुनर्वास के नाम पर 'बांग्लादेशियों' का पक्ष लेने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, 'आप कन्नड़ लोगों को क्या दे रहे हैं? क्या आप उन्हें खाली ज़मीन दे रहे हैं?' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 'नए साल पर बांग्लादेशियों को घर तोहफ़े में दे रही है।'
इस बीच, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी ने मांग की कि असली रिकॉर्ड की जांच के लिए यह मामला एनआईए को सौंपा जाए।