'दीपूचंद्र दास को इन्साफ दें' ... बांग्लादेश उच्चायोग के सामने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन

पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष करती रही

Photo: mofadhaka FB page

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भगवा झंडे थामे हुए और दीपूचंद्र दास की मॉब लिंचिंग के विरोध में नारे लगाते हुए विहिप और बजरंग दल के सैकड़ों समर्थकों ने मंगलवार को बांग्लादेश उच्चायोग के पास बैरिकेड्स तोड़े। वे पुलिस से भी भिड़ गए। 

प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड्स गिरा दिए, जबकि पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष करती रही।

हिंसाग्रस्त पड़ोसी देश में हिंदू व्यक्ति दीपूचंद्र दास की मॉब लिंचिंग के खिलाफ हिंदू संगठनों द्वारा घोषित प्रदर्शन से पहले, उच्च सुरक्षा वाले इस इलाके में सुबह से ही पुलिस तैनात रही।

इस क्षेत्र को तीन स्तरों की बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षित किया गया था। पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। 
 
उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग से लगभग 800 मीटर की दूरी पर रोक दिया। 
 
प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग तक पहुंचने से रोकने के लिए डीटीसी बसें बाधा के रूप में खड़ी की गई थीं।

एक प्लेकार्ड पर लिखा था, 'हिंदू रक्त की एक-एक बूंद का हिसाब चाहिए।'

18 दिसंबर को, 25 वर्षीय गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी दीपूचंद्र दास को मैमनसिंह में भीड़ ने लिंच कर मार दिया और उनका शव जला दिया था।

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