बेलडांगा/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' बना ली है। उन्हें कुछ दिन पहले ही मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी-स्टाइल मस्जिद का शिलान्यास करने के लिए तृणकां से निलंबित कर दिया गया था।
बेलाडांगा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, कबीर ने उन आठ उम्मीदवारों के नाम बताए जिन्हें उनकी पार्टी राज्य में साल 2026 के विधानसभा चुनावों में मैदान में उतारेगी।
भरतपुर के विधायक कबीर ने कहा कि वे मुर्शिदाबाद की दो सीटों रेजीनगर और बेलडांगा से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने कहा, 'हम आपको बाद में ही बता पाएंगे कि हम आखिरकार कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।'
कबीर ने कहा कि उनका मिशन विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना है। उन्होंने आरोप लगाया, 'ममता बनर्जी अब वैसी इन्सान नहीं रहीं जिन्हें मैं जानता था। वे आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं।'
भाजपा ने आरोप लगाया कि कबीर तृणकां को सत्ता में वापस लाने में मदद करने के लिए काम कर रहे थे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया, 'कबीर अगले विधानसभा चुनावों में कोई फैक्टर नहीं होंगे। उन्हें अपने पुराने दोस्त तृणकां के साथ हार का सामना करना पड़ेगा, जिसके साथ वे अभी भी चोरी-छिपे संपर्क में हैं। कबीर और उनकी नई पार्टी दोनों को बंगाल के लोग नकार देंगे।'
उन्होंने दावा किया कि कबीर विधानसभा चुनावों में भाजपा के वोटों को बांटने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया, 'बांग्लादेश की स्थिति को देखते हुए, बंगाल के लोग कबीर की कोशिशों को नाकाम करेंगे और भाजपा जैसी मज़बूत राष्ट्रवादी ताकत को चुनेंगे, जो कट्टरपंथियों को हरा सकती है।'
तृणकां ने 4 दिसंबर को कबीर को निलंबित कर दिया था, जब बाबरी-स्टाइल मस्जिद बनाने के उनके ऐलान से भारी विवाद खड़ा हो गया था।