'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देकर बुजुर्ग को लगा दिया 23.5 लाख रु. का चूना

कई ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए

देश में डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ते जा रहे हैं

ठाणे/दक्षिण भारत। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में साइबर फ्रॉड करने वालों ने एक 68 साल के व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर कथित तौर पर 23.5 लाख रुपए का चूना लगा दिया।

एक अधिकारी ने बताया कि इस हफ्ते जिले में यह इस तरह की दूसरी घटना है।

महात्मा फुले पुलिस स्टेशन के एक असिस्टेंट इंस्पेक्टर ने बताया कि शिकायत के आधार पर कल्याण पुलिस ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

अधिकारी ने बताया, 'शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दो अनजान लोगों ने उसे डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर 23.5 लाख रुपए की ठगी की और 8 से 12 दिसंबर के बीच ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के ज़रिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।'

बता दें कि 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर क्राइम का एक बढ़ता हुआ रूप है जिसमें धोखेबाज़ खुद को कानून लागू करने वाले अधिकारी या सरकारी एजेंसियों के कर्मचारी बताते हैं और ऑडियो/वीडियो कॉल के ज़रिए पीड़ितों को डराते हैं। वे पीड़ितों को बंधक बनाते हैं और उन पर पैसे देने का दबाव डालते हैं।

उन्होंने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर वीडियो कॉल पर पीड़ित से संपर्क किया और दावा किया कि उसके बैंक ट्रांजैक्शन संदिग्ध हैं और कथित गड़बड़ियों से जुड़े हुए हैं।
 
अधिकारी ने कहा, 'धोखेबाजों ने बताया कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया जा सकता है, लेकिन साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि अगर वह सहयोग करेगा तो वे उसे कानूनी कार्रवाई से बचने में मदद करेंगे।'

उन्होंने बताया कि आरोपी ने व्यक्ति को बार-बार धमकी दी और दबाव डालकर 23.5 लाख रुपए के कई ऑनलाइन मनी ट्रांसफर करवाए।

यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब पीड़ित ने यह घटना अपने जान-पहचान वालों को बताई और यह महसूस होने पर कि उसे धोखा दिया गया है, उसने पुलिस से संपर्क किया। 

अधिकारी ने कहा, 'हम आरोपी का पता लगाने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं।'

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