पटना/दक्षिण भारत। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या ने बुधवार को कहा कि उन्होंने पटना में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में गणतंत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि लोकतंत्र खतरे में है। संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है, स्वतंत्रताएं सीमित की जा रही हैं और जनादेश को बेशर्मी से चुराया जा रहा है।
सिद्दरामय्या ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, 'महादेवपुरा से लेकर आलंद तक, वोटचोरी पर राहुल गांधी के लगातार खुलासे ने पूरे देश को जगा दिया है। बिहार में हाल में हुई एसआईआर की त्रासदी एक और याद दिलाती है कि भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए किस हद तक जा सकती है!'
सिद्दरामय्या ने कहा, 'देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। आम भारतीयों को बेरोज़गारी, महंगाई और असमानता कुचल रही हैं। विदेश में भारत की आवाज़ खामोश हो गई है। जब ट्रंप ने कश्मीर में शांति का श्रेय लिया, तब नरेंद्र मोदी ने कुछ नहीं कहा था। यह कूटनीति नहीं, आत्मसमर्पण है।'
सिद्दरामय्या ने कहा, 'कांग्रेस सरकारें तब भी अडिग रहीं, जब दोषपूर्ण जीएसटी ने हमारे राजस्व को नुकसान पहुंचाया था। हमने युक्तिकरण के लिए संघर्ष किया, क्योंकि हमारे लिए जनता पहले है। हमारी गारंटी योजनाएं, जिनका कभी भाजपा मज़ाक उड़ाती थी, अब उसके द्वारा सभी राज्यों में उनकी नकल की जा रही है।'
सिद्दरामय्या ने कहा, 'हमारे द्वारा बनाए गए दबाव ने केंद्र सरकार को आखिरकार जाति जनगणना पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया। क्योंकि न्याय प्रतिनिधित्व की मांग करता है।'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह लड़ाई सिर्फ़ चुनावों की नहीं है। यह भारत की आत्मा को बचाने की लड़ाई है। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में, हम कांग्रेसी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक संविधान की रक्षा नहीं हो जाती, न्याय नहीं मिल जाता और जनता की आवाज़ बुलंद नहीं हो जाती।'