जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी: योगी

योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी देवी राज्य विवि के भूमिपूजन समारोह के बाद जनसभा को संबोधित किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन से आकांक्षात्मक जनपदों को विकसित जनपदों की श्रेणी लाने का प्रयास हो रहा है

बलरामपुर (उप्र)/भाषा| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा इस संकल्प के साथ सत्ता में आई है कि वह राजनीति का अपराधीकरण हरगिज नहीं होने देगी, जो भी नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसको उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी|

योगी आदित्यनाथ ने यहां कोइलरा स्थित मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय के भूमिपूजन समारोह के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही| 

उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रवृतियों वाले तत्वों ने इस प्रदेश की सुदंरता बिगाड़ने की चेष्टा की| उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन वह अक्सर विपक्षी दलों खासकर समाजवादी पार्टी को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को प्रश्रय देने को लेकर निशाना बना चुके हैं| मुख्यमंत्री ने कहा, राजनीति का अपराधीकरण तंत्र में सबसे बड़ी बाधा थी| लेकिन हमने राजनीति का अपराधीकरण नहीं होने देने का संकल्प ले रखा है| 

उन्होंने कहा, हम किसी को भी अपने नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे| जो भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, उसे उसकी कीमत चुकानी होगी| डबल इंजन सरकार पूरे संकल्प के साथ इस दिशा में काम करती है| इस अवसर पर उन्होंने बलरामपुर की 1,488.89 करोड़ रुपए की 466 विकास परियोजनाओं और श्रावस्ती की 260.37 रुपए करोड़ की 31 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया|

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन से आकांक्षात्मक जनपदों को विकसित जनपदों की श्रेणी लाने का प्रयास हो रहा है| उन्होंने कहा कि बलरामपुर और श्रावस्ती का गौरवशाली इतिहास रहा है तथा यहां मां पाटेश्वरी की कृपा पूरे क्षेत्र में बरसती है| उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के श्रद्धालु हर साल बड़ी संख्या में यहां दर्शन करने आते हैं| उन्होंने कहा कि श्रावस्ती को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने अपनी राजधानी बनाया था, यही नहीं श्रावस्ती में भगवान बुद्ध ने चातुर्मास व्यतीत किया था| 

उन्होंने कहा कि दसवीं-ग्यारहवीं सदी में अपने शौर्य और पराक्रम से भारत की स्वाधीनता और स्वाभिमान को बनाए रखने वाले महाराज सुहेलदेव यहीं के राजा थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं को रौंदने का कार्य किया था| मुख्यमंत्री ने कहा,  जिस श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम के विराजमान होने के गौरवमयी क्षण के हम हाल ही में साक्षी बने हैं, उसके लिए 1949 से रामजन्म भूमि आंदोलन की शुरुआत इसी बलरामपुर की धरती से हुई थी|

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