कर्नाटक में बढ़ सकती हैं बिजली की दरें

उपभोक्ताओं को अगले साल अप्रैल से बढ़े हुए बिल मिल सकते हैं


बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव के बाद बिजली के बिल जेब पर भारी पड़ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो बिजली की दरें बढ़ाने को लेकर विचार किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक विद्युत नियामक प्राधिकरण (केईआरसी), जो राज्य में बिजली दरों को नियंत्रित करता है, को सभी एस्कॉम (बिजली आपूर्ति कंपनियों) से दरों में वृद्धि के लिए नया प्रस्ताव मिला है। उसके द्वारा मांगी गई औसत कीमत वृद्धि लगभग 1.58 रुपए प्रति यूनिट है।

सूत्रों का कहना है कि वितरण कंपनियों ने दावा किया है कि अगर कीमतों में जल्द बढ़ोतरी नहीं की गई तो उन्हें वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ेगा। पिछले साल केईआरसी ने ईंधन लागत में वृद्धि के कारण तीन बार बिजली शुल्क बढ़ाया था।

नवंबर 2020 से राज्य में बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गई। कुछ महीने बाद, जनवरी 2021 में कीमतों में फिर से मामूली बढ़ोतरी की गई। इस साल 10 जुलाई को कीमतों में फिर से 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, उपभोक्ताओं को अगले साल अप्रैल से बढ़े हुए बिल मिल सकते हैं। एस्कॉम द्वारा मांगी गई बढ़ोतरी पर प्रक्रिया अगले महीने शुरू हो सकती है। इसके बाद केईआरसी द्वारा फरवरी या मार्च में कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सूचना जारी किए जाने की संभावना है।

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