आईएएस अधिकारी ने ठुकराया करोड़ों का दहेज, बिना बाजा-बारात सादगी से की शादी

आईएएस अधिकारी ने ठुकराया करोड़ों का दहेज, बिना बाजा-बारात सादगी से की शादी

ias navin kumar chandra wedding

गाजियाबाद/दक्षिण भारत। हमारे देश में हर साल शादियों के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जाती हैं। इस दौरान काफी लोग झूठी शान के लिए जमकर फिजूलखर्ची करते हैं। महंगी शादियां चर्चा में रहती हैं। देखादेखी की होड़ में सामान्य परिवार भी अपने बच्चों की शादियों के लिए कर्जा लेकर इंतजाम करते हैं। गाजियाबाद के नवीन कुमार चंद्र भी बचपन से ऐसी कई शादियां देखते आए हैं जो कुरीतियों और फिजूलखर्चियों की वजह से बाद में आम आदमी के लिए मुसीबत बन गईं। इसलिए उन्होंने तय किया कि अपनी शादी में ऐसी परंपराओं का पालन नहीं करेंगे।

बता दें कि नवीन कुमार चंद्र 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने राजस्थान के सुजानगढ़ की निवासी रंजना कुमारी को अपनी जीवनसंगिनी बनाया जो आईआरएस अधिकारी हैं। दोनों मसूरी स्थित एकेडमी में सेवाकार्य के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। नवीन और रंजना की इस पहल को खूब सराहा जा रहा है। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि ​वे इस शादी के जरिए फिजूलखर्ची को रोकने का संदेश देना चाहते हैं।

नवीन और रंजना पहले तो एक मंदिर में गए जहां भगवान से आशीर्वाद लिया। इसके बाद सदर तहसील आकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी का पंजीकरण कराया। इस दौरान दोनों के परिजन और कुछ परिचित मौजूद थे। अफसर दंपती ने बाजा, बारात और दहेज का पूर्णत: निषेध किया। इस सादगी भरी शादी की सोशल मीडिया में खूब चर्चा हो रही है। लोग अफसर दंपती को बधाई देने के साथ ही उनके प्रयास को अनुकरणीय बता रहे हैं।

आईएएस नवीन कुमार ने बताया कि वे पूरी तरह फिजूलखर्ची के खिलाफ हैं। शादियों में फिजूलखर्ची से लड़की के परिवार पर आर्थिक भार आता है और ऐसा करना धन का दुरुपयोग भी है। उन्होंने बताया कि वे इस रकम का इस्तेमाल समाज में जरूरतमंद लोगों का जीवनस्तर बेहतर बनाने के लिए करेंगे। आईआरएस रंजना ने कहा कि वे भी शादी में सादगी की समर्थक हैं। उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि शादी में किसी किस्म की फिजूलखर्ची नहीं की जाएगी। वहीं नवीन कुमार के पिता रामदेव ने बताया कि परिवार मूलत: रायबरेली से है। बेटा आईएएस बना तो खूब रिश्ते आए। कई लोगों ने तो पांच करोड़ तक खर्च करने की बात कही, लेकिन नवीन ने ऐसे सभी रिश्ते ठुकरा दिए और बिना दहेज व फिजूलखर्ची के शादी की।

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