नायडू ने कृषि के लिए बहुआयामी रुख अपनाने का किया आह्वान

नायडू ने कृषि के लिए बहुआयामी रुख अपनाने का किया आह्वान

विशाखापत्तनम। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को कृषि क्षेत्र में एक व्यापक, बहु-आयामी रुख अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने इस क्षेत्र को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए विशेष ध्यान, फसल विविधीकरण के साथ साथ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल की आवश्यकता बताई। उन्होंने देश के भीतर खाद्यान्नों की आवाजाही पर लगे सभी प्रतिबंधों को समाप्त करने की बात कही ताकि किसानों को उनके उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके। उपराष्ट्रपति ने यह बात आंध्र प्रदेश सरकार तथा बिल एवं मेलिन्डा गेट्स फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से यहां एपीआईआईसी मैदान में आयोजित एपी एग्रीटेक सम्मेलन-२०१७ में कही। उन्होंने कहा कि आम धारणा है कि खेती लाभप्रद नहीं है। कृषि क्षेत्र में व्यापक और बहु आयामी रुख अपनाये जाने की आवश्यकता है। नायडू ने कहा कि हमें अन्वेषण करना होगा और जानकारियों तथा प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए किसानों के साथ काम करना होगा और इस प्रकार उत्पादकता को ब़ढाना होगा। उन्होंने कहा कि इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि ब़ढे हुए उत्पादन का आर्थिक लाभ किसानों को पहुंचे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और अन्य संस्थानों को नए विचारों और नये बीजों के साथ सामने आना होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों और केन्द्र को कृषि शोध संस्थानों और कृष विज्ञान केन्द्रों के साथ मिलकर काम करना होगा। नायडू ने कहा कि खाद्यान्नों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा किसानों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद नहीं कर रही है।

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