camphor in swine flu
camphor in swine flu

चंडीगढ़/दक्षिण भारत। सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें किस कदर लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं, इसका ताजा मामला हरियाणा के एक गांव में सामने आया है। इन दिनों स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बाद सोशल मीडिया पर ऐसे कई नुस्खे शेयर हो रहे हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जब पन्नीवाला रुलदू गांव में सोशल मीडिया पर लोगों ने यह पढ़ा कि कपूर और इलायची की गंध से स्वाइन फ्लू नहीं होता तो लोगों ने अपने बच्चों के गले में इलायची-कपूर की माला पहना दी।

यही नहीं, ये बच्चे स्कूल जाते वक्त भी यह माला पहने रहते हैं। बीच-बीच में ये इसे सूंघते रहते हैं। इन्हें बताया गया है कि इससे आप स्वाइन फ्लू से महफूज रहेंगे।​ विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह नुस्खा खूब वायरल हो रहा है, जिस पर काफी लोग आंख मूंदकर यकीन कर रहे हैं। हालांकि चिकित्सक इस दावे को खारिज करते हैं। उनके मुताबिक, यह नुस्खा स्वाइन फ्लू में असरदार नहीं है। बेहतर होगा कि समय पर चिकित्सकों से सलाह लें।

गांव के स्कूल में बड़ी तादाद में ऐसे बच्चे दिखाई दिए जिन्होंने कपूर की टिकिया और इलायची के चूर्ण से बनी यह माला गले में पहन रखी है। वहीं इनके माता-पिता भी सोचते हैं कि इससे उन्होंने अपने बच्चों को बीमारी से सुरक्षित कर लिया। चिकित्सकों का कहना है कि कपूर-इलायची की गंध से छाती तो साफ होती है, परंतु यह आपको स्वाइन फ्लू से नहीं बचा सकता। ऐसे में स्वाइन फ्लू से बचने के लिए चिकित्सकों द्वारा दी गई सलाह पर ही विश्वास करना चा​हिए।

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