इसरो उपग्रह
इसरो उपग्रह

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। पाकिस्तान से आ रही खबरें बता रही हैं कि वह युद्ध को लेकर पूरी तरह तैयार दिखता है। हालांकि वह लगातार शांति की बात कर रहा है, लेकन उसकी तैयारियां युद्ध जैसी हैं। पर उसके लिए भारत से टकरा पाना इतना आसान नहीं होगा। भारत के पास ऐसी एक ताकत है जिसका मुकाबला पाकिस्तान कर ही नहीं सकता। दरअसल, भारत उपग्रहों के जरिए पाकिस्तान के 87 फीसदी क्षेत्र पर पैनी नजर रखता है। इसे देखते हुए भारत हमेशा बढ़त पर रहेगा और पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सामरिक इलाकों की गतिविधियों को देख सकता है।

इन उपग्रहों के जरिए महत्वपूर्ण नक्शे और तस्वीरें ली जा सकती हैं। पाकिस्तान के इलाकों के नक्शे और तस्वीरें ले सकते हैं उपग्रह ये उपग्रह पाकिस्तानी इलाकों के नक्शे से लेकर, उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें तक खींचने में सक्षम हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) उपग्रहों के जरिए पाकिस्तान के कुल 8.8 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 7.7 लाख वर्ग किमी. क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है और यहां की जानकारी हासिल करने में सक्षम हैं। उपग्रहों के जरिए भारत पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों के भीतर 0.65 मीटर तक हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें ले सकता है।

ऐसा ही एक उपग्रह भारत ने इसी साल 24 जनवरी को अंतरिक्ष में भेजा है। इसे डीआरडीओ ने बनाया है और यह ऐसा उपग्रह है जो आसमान से पृथ्वी पर होने वाली गतिविधि पर नजर रख सकता है। इस उपग्रह की खासियत है कि यह दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी तस्वीरें भेज सकता है। इस उपग्रह का नाम-माइक्रोसेट-आर है।

14 देशों में पहुंच
पाकिस्तान ही नहीं बल्कि दुनियाभर के 14 देशों में इसरो उपग्रहों के जरिए नजर बनाए हुए है। ये उपग्रह इन मुल्कों के 5.5 मिलियन वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र की निगरानी कर सकते हैं। भारतीय उपग्रह चीन के भीतर भी निगरानी कर सकते हैं। भारत के पास सैन्य जरुरतों के लिए करीब 10 उपग्रह हैं। इसी तरह भारतीय वायुसेना के पास भी ऐसे कई उपग्रह हैं जो न सिर्फ दुश्मन के विमानों का पता लगा सकते हैं बल्कि किसी भी तरह की जासूसी को भी रोक सकते हैं। इनमें से एक जीसैट-7ए है जिसे पिछले साल लांच किया गया था।

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