पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा संबोधित करते हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा संबोधित करते हुए।

मंड्या/दक्षिण भारत। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि उनके पोते निखिल कुमारास्वामी के लिए मंड्या लोकसभा सीट पर चुनावी जीत हासिल कर पाना बहुत अधिक आसान नहीं होगा। निखिल निर्दलीय प्रत्याशी सुमलता अंबरीश की जबर्दस्त चुनौती के सामने मंड्या सीट से अपना राजनीतिक भाग्य आजमा रहे हैं।

राज्य में सत्तासीन गठबंधन के साथी कांग्रेस नेता उनकी उम्मीदवारी का समर्थन नहीं कर रहे हैं और दूसरी तरफ सुमलता अंबरीश, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं को भाजपा का समर्थन मिल रहा है। भाजपा ने मुख्य रूप से गठबंधन के सहयोगियों को विभाजित करने के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है।

देवेगौड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को शर्मिंदा करना चाहते हैं। स्थिति चरम पर पहुंच गई है। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री और गठबंधन की समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्दरामैया भी इसका समाधान नहीं कर सकते हैं।

मंड्या निर्वाचन क्षेत्र में केआर पेट की चुनावी रैली में भाग लेते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि कई नेता चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, हम उनके घर नहीं जाएंगे, लेकिन हम लोगों के पास जाएंगे। वे हमारे लिए परिवार और दोस्त हैं।

वहीं, दर्शन और यश सहित कई कन्नड़ फिल्मी सितारों के समर्थन से निखिल कुमारस्वामी को तगड़ी चुनौती दे रहीं सुमलता से गहरी नाराजगी जताते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. राजकुमार से बड़ा कन्नड़ फिल्मों में कोई अभिनेता नहीं हुआ है। वास्तव में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चिकमगलूरु से चुनाव लड़ने और जीतने से पहले हम चाहते थे कि वह (राजकुमार) चुनाव लड़ें लेकिन उन्होंने (राजकुमार ने) चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। मंड्या के मतदाताओं ने कई बार अभिनेताओं को चुना है, लेकिन इससे मंड्या जिले को कितना फायदा हुआ है, हमें इस बारे में भी सोचना चाहिए।

वहीं, श्रीरंगपटना में एक अन्य चुनावी रैली को संबोधित करते हुए देवेगौड़ा ने कहा, पीएम की कुर्सी गंवाने के बावजूद कांग्रेस के प्रति मेरा सम्मान कम नहीं हुआ है। वहीं, मौजूदा घटनाक्रम को देख कर मैं बहुत आहत हूं। यह रेखांकित करते हुए कि वह निखिल की उम्मीदवारी के पक्ष में नहीं थे, उन्होंने कहा कि जनता दल (एस) के सभी आठ विधायकों ने दबाव डाला कि उन्हें (निखिल को) मैदान में उतारा जाए।

देवेगौड़ा ने कहा कि कुमारस्वामी के विरोधी आपस में एकजुट हो गए हैं लेकिन वे सफल नहीं होंगे। इस बीच, मंड्या तालुक के इंद्रावलु गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुलकर सुमलता को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे सुमलता की जीत के लिए कांग्रेस का झंडा लहराएंगे।

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