चेन्नई/नई दिल्ली। पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि उनके पिता ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। कार्ति ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि जांच का विषय उनके पिता हैं और वह इसमें संलिप्त नहीं है। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय से कहा कि उनके पिता जो कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं उन्होंने ही मीडिया कंपनी को विदेशी निवेश करने की मंजूरी दी थी और इस निवेश बोर्ड में शामिल छह लोगों मेंें से किसी अन्य से पूछताछ नहीं की गई है, सिर्फ उनसे पूछताछ की जा रही है।सर्वोच्च न्यायालय मंे याचिका दायर कर कार्ति चिदम्बरम ने विदेश जाने की भी अनुमति मांगी लेकिन न्यायालय ने कार्ति को यह अनुमति देने से इंकार कर दिया और कहा कि वह विदेश नहीं जा सकते हैं। उनके खिलाफ जारी किया गया लुक आउट नोटिस ११ सितम्बर तक जारी रहेगा। ज्ञातव्य है कि कार्ति के पूछताछ के लिए उपस्थित होने के एक सप्ताह बाद केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि कार्ति चिदम्बरम भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपी है और उनके विदेश जाने की संभावना थी इसलिए उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है।इसी वर्ष १५ मई को सीबीआई ने कार्ति चिदम्बरम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में आईएनएक्स मीडिया को वर्ष २००७ में पी चिदम्बरम के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान ३०५ करो़ड रुपए का विदेशी निवेश करने की स्वीकृति देने में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। सीबीआई ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय को इस अनियमितता के संंबंध में कुछ दस्तावेज भी सीलबंद लिफाफे में सौंपे। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को रिश्वत लेने के मामले में की गई पूछताछ के बारे में कार्ति चिदम्बरम द्वारा सौंपे गए शपथपपत्र के बारे में भी जवाब देने के लिए कहा है। ज्ञातव्य है कि पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर कार्ति चिदम्बरम सीबीआई के समक्ष आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की अनुमति देने में हुई अनियमितता के संबंध में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए थे। उल्लेखनीय है कि आईएनएक्स मीडिया को मॉरिशस से उस समय विदेशी निवेश प्राप्त हुआ था जब पी चिदम्बरम केन्द्रीय वित्त मंत्री थे।

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