संत रूपमुनि का अंतिम संस्कार आज, दोपहर करीब 1 बजे प्रारंभ होगी वैकुंठ यात्रा

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जैतारण/दक्षिण भारत। जैन समाज के स्थानकवासी सम्प्रदाय के श्रमण संघीय लोकमान्य संत वरिष्ठ प्रवर्तक श्री रूपमुनिजी रजत महाराज का शनिवार की अलसुबह अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल मे लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

श्रद्धालुओं के लिए अंतिम दर्शन हेतु 94 वर्ष के संतश्री का पार्थिव शरीर जैतारण के जैन स्थानक में रखा गया। रविवार को दोपहर करीब 1 बजे संतश्री की वैकुंठ यात्रा प्रारंभ होगी तथा पावन धाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पूरे देश से स्थानकवासी सम्प्रदाय के सदस्य जैतारण पहुंच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जैतारण चातुर्मास प्रवास के दौरान संत रूपमुनिजी के पैरों मे दर्द की शिकायत होने पर उन्हें जैतारण से अहमदाबाद रैफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनके चेहरे पर लकवा हो गया था। लगभग एक माह अहमदाबाद में इलाज चलने के बाद चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद संतश्री ने अपनी अंतिम सांस ली।

संत रूपमुनि को दी श्रद्धांजलि
बेंगलूरु में स्थानीय जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में वीवी पुरम स्थित जयपरिसर महावीर धर्मशाला में चातुर्मासार्थ विराजित श्री जयधुरंधरमुनिजी की निश्रा में शनिवार को श्रमण संघ के लोकमान्य संत शेरे राजस्थान श्री रुपमुनिजी की दिवगंत आत्मा की शांति के लिए नवकार मंत्र का जाप किया गया तथा संतश्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस मौके पर चातुर्मास समिति संयोजक चेनराज गोटावत, माणकचन्द बोहरा, धर्मीचन्द बिलवाड़िया, मानमल बोहरा, महावीरचन्द श्रीश्रीमाल, युवक परिषद के अध्यक्ष गौतमचन्द मकाना, महावीरचन्द बिलवाि़डया, प्रसन्न सेठिया, महिला मंडल की अध्यक्ष ताराबाई गोटावत, बहु मंडल की अध्यक्ष कविता लुंक़ड आदि सदस्य उपस्थित थे। संघ के अध्यक्ष मीठालाल मकाणा ने बताया कि रविवार के समस्त कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।

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