ईवीएम सांकेतिक चित्र
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। लोकसभा चुनाव-2019 के पहले चरण का मतदान गुरुवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर 91 सीटों के लिए वोट डाले गए। लोकतंत्र के इस उत्सव की कई उत्साहजनक​ झलकियां सोशल मीडिया में छाई रहीं। वहीं, कुछ स्थानों पर मतदाताओं को अपने नाम मतदाता सूची में नहीं मिले और वे वोट डालने से वंचित रह गए।

ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद में सामने आया। यहां कैला भट्टा इलाके के बूथ नंबर 267 में जब एक महिला वोट डालने पहुंची तो उन्हें मालूम हुआ कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारी से इसकी वजह जाननी चाही तो उसने जवाब दिया कि ‘मतदाता की मौत हो चुकी है!’

यह जवाब सुनकर महिला हैरान रह गई, क्योंकि जिंदा होने का साक्षात् प्रमाण वह स्वयं सामने खड़ी थी, लेकिन दस्तावेजों में उसे मृत दिखाकर नाम काट दिया गया। इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी काफी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यूजर्स ने इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब किसी को दस्तावेजों में मृत दिखाकर लोगों ने जमीन-जायदाद, बीमा की रकम आदि हड़पने के लिए जालसाजी रची। बाद में पीड़ित को खुद के जिंदा होने का सबूत देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े।

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