प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव नतीजों में भाजपा एवं राजग को जोरदार कामयाबी मिलने के बाद कार्यकर्ताओं का आभार जताया। भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ता ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगा रहे थे। मोदी और शाह के आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। दोनों नेताओं पर खूब पुष्प बरसाए गए।

चूंकि दिल्ली में हल्की बारिश हुई थी, इसलिए अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि आज स्वयं मेघराज भी इस विजयोत्व में शरीक होने के लिए हमारे बीच हैं। 2019 लोकसभा के चुनाव में हम सब देशवासियों के पास नए भारत के लिए जनादेश लेने गए थे। आज हम देख रहे हैं कि देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने इस फकीर की झोली को भर दिया है।

मोदी ने कहा कि यह जो मतदान का आंकड़ा है, अपने आप में लोकतांत्रिक विश्व के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है। देश आजाद हुआ, इतने लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन आजादी के बाद इतने चुनाव होने के बाद सबसे अधिक मतदान इस चुनाव में हुआ है।

मोदी ने कहा कि मैं इस लोकतंत्र के उत्सव में लोकतंत्र की खातिर, जिन-जिन लोगों ने बलिदान दिया है, जो घायल हुए हैं, उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मैं पहले दिन से कहा रहा था कि यह चुनाव कोई दल नहीं लड़ रहा है, कोई उम्मीदवार नहीं लड़ रहा है, कोई नेता नहीं लड़ रहा है। यह चुनाव देश की जनता लड़ रही है।

मोदी ने कहा कि महाभारत के युद्ध के बाद श्रीकृष्ण से पूछा गया था कि वो किसके पक्ष में थे। जो जवाब तब श्रीकृष्ण ने दिया था, वही जवाब आज देश की जनता ने दिया है। श्रीकृष्ण ने तब कहा था कि मैं किसी के पक्ष में नहीं था, मैं सिर्फ हस्तीनापुर के पक्ष में खड़ा था। आज भारत के 130 करोड़ नागरिक भारत के पक्ष में खड़े थे, भारत के पक्ष में उन्होंने मतदान किया।

मोदी ने कहा कि जिनके आंख-कान बंद थे, उनके लिए मेरी बात समझना मुश्किल था, लेकिन आज मेरी उस भावना को जनता-जनार्दन ने प्रकट कर दिया है। इसलिए अगर कोई विजयी हुआ है तो हिंदुस्तान विजयी हुआ है। अगर कोई विजयी हुआ है तो लोकतंत्र विजयी हुआ है।

मोदी ने कहा कि हम सभी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, हम सभी एनडीए के साथी, नम्रता पूर्वक इस विजय को जनता-जनार्दन के चरणों में समर्पित करते हैं। जो उम्मीदवार विजयी हुए हैं, उन सभी को मैं हृदयपूर्वक बधाई देता हूं। वो किसी भी दल से आए हों, लेकिन देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए कंधे से कंधा मिलाकर ये सभी विजयी उम्मीदवार देश की सेवा करेंगे। इस विश्वास के साथ मैं उन्हें शुभकामना देता हूं।

मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ता, उनके परिश्रम, उनका पुरुषार्थ, कितना गर्व होता है कि जिस दल में हम हैं, उसमें कितने दिलदार लोग हैं। कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं का सिर्फ एक ही भाव है- ‘भारत माता की जय’ और कुछ नहीं।

मोदी ने कहा कि भाजपा की एक विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए, लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए। आदर्शों को ओझल नहीं होने दिया। न रुके, न झुके, न थके। दो से दोबारा होने की यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए।

मोदी ने कहा कि हम दो थे, तब भी निराश नहीं हुए। अब दोबारा आए हैं तब भी न नम्रता छोड़ेगे, न विवेक को छोड़ेंगे, न हमारे आदर्शों को छोड़ेंगे, न हमारे संस्कारों को छोड़ेंगे। यह 21वीं सदी है, यह नया भारत है। यह चुनाव की विजय मोदी की विजय नहीं है। यह देश में ईमानदारी के लिए तड़पते हुए नागरिक की आशा-आकांक्षा की विजय है। यह 21वीं सदी के सपनों को लेकर चल पड़े नौजवान की विजय है।

मोदी ने कहा कि यह विजय आत्मसम्मान, आत्मगौरव के साथ एक शौचालय के लिए तड़पती हुई उस मां की विजय है। यह विजय उस बीमार व्यक्ति की है जो चार-पांच साल से पैसों कमी की वजह से अपना उपचार नहीं करवा पा रहा था और आज उसका उपचार हो रहा है। यह उसके आशीर्वाद की विजय है।

मोदी ने कहा कि यह विजय देश के उन किसानों की है, जो पसीना बहाकर राष्ट्र का पेट भरने के लिए अपने को परेशान करता रहता है। यह उन 40 करोड़ असंगठित मजदूरों की विजय है, जिन्हें पेंशन योजना लागू करके सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है। इस चुनाव ने 21वीं सदी के लिए एक मजबूत नींव हमारे सामाजिक, सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए निर्मित की है।

मोदी ने कहा कि इस चुनाव में एक भी राजनीति दल सेकुलरिज्म का नकाब पहनकर देश को गुमराह नहीं कर पाया। यह चुनाव ऐसा है, जहां महंगाई को एक भी विरोधी दल मुद्दा नहीं बना पाया। यह चुनाव ऐसा है जिसमें कोई भी दल हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उसे मुद्दा नहीं बना पाया।

मोदी ने कहा कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए देश की एकता और अखंडता के लिए जनता ने इस चुनाव में एक नया नैरेटिव देश के सामने रख दिया है। सारे समाजशास्त्रियों को अपनी पुरानी सोच पर पुनर्विचार करने के लिए देश के गरीब से गरीब व्यक्ति ने मजबूर कर दिया है।

मोदी ने कहा कि अब देश में सिर्फ दो जाति ही रहने वाली हैं और देश इन दो जातियों पर ही केंद्रित होने वाला है। 21वीं सदी में भारत में एक जाति है- गरीब और दूसरी जाति है- देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए कुछ न कुछ योगदान देने वालों की।

मोदी ने कहा कि चुनावों के बीच क्या हुआ, मेरे लिए वो बात बीत चुकी है। हमें सबको साथ लेकर चलना है। घोर विरोधियों को भी देशहित में उन्हें साथ लेकर चलना है। इस प्रचंड बहुमत के बाद भी नम्रता के साथ लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है। संविधान हमारा सुप्रीम है, उसी के अनुसार हमें चलना है।

मोदी ने कहा कि मैं देश को कहूंगा कि आपने 2014 में मुझ पर भरोसा किया, 2019 में ज्यादा जानने के बाद और ज्यादा ताकत दी। मैं इसके पीछे की भावना को भलीभांति समझता हूं। भरोसा जैसे बढ़ता है, जिम्मेवारी और ज्यादा बढ़ती है।

मोदी ने कहा कि मैं देशवासियों से आज जरूर कहना चाहूंगा, इसे मेरा वादा-संकल्प-प्रतिबद्धता मानिए कि आपने जो मुझे फिर से काम दिया है, आने वाले दिनों में मैं बदइरादे, बदनीयत से कोई काम नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं मेरे लिए कुछ नहीं करूंगा। मेरा पल-पल और मेरे शरीर का कण-कण देशवासियों के सेवा में समर्पित होगा। प्रधानमंत्री ने भारत माता के जयकारे के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

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