नई दिल्ली/भाषा। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान, भारतीय जनता पार्टी की मेनका गांधी और बसपा प्रमुख मायावती को सांप्रदायिक बयान देने के कारण अलग अलग अवधि के लिए चुनाव प्रचार करने से प्रतिबंधित कर दिया है। आयोग ने सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर योगी तथा आजम खान को 72 घंटे तक और मायावती तथा मेनका गांधी 48 घंटे तक किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेने से रोक दिया है।

आयोग ने दोनों नेताओं के खिलाफ अलग अलग आदेश जारी कर दोनों नेताओं के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिकता से जु़ड़े बयान देने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। आयोग प्रधान सचिव अनुज जयपुरिया द्वारा जारी आदेश में योगी और मायावती को क़डी फटकार लगाते हुए कहा कि दोनों नेता इस अवधि में किसी भी जनसभा, पदयात्रा और रोड शो आदि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इतना ही नहीं वह प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में साक्षात्कार भी नहीं दे सकेंगे।

मायावती को उत्तर प्रदेश के देवबंद में एक जनसभा के दौरान मुस्लिम मतदाताओं से एक पार्टी को वोट नहीं देने की अपील करने पर आयोग ने चुनाव आचार संहिता का दोषी पाया था। जबकि योगी को मेरठ में एक जनसभा में ‘अली और बजरंग बली’ से जु़डे विवादित बयान देने के कारण आचार संहिता का दोषी करार देते हुए भविष्य में ऐसे बयान नहीं देने की चेतावनी जारी की थी।

उल्लेखनीय है कि दूसरे चरण के लिए 18 अप्रैल को होने वाले मतदान के मद्देनजर 16 अप्रैल को शाम पांच बजे से प्रचार अभियान थम जायेगा। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के आजम खान ने जयप्रदा पर अभद्र टिप्पणी की थी जिसके बाद उनकी काफी निंदा हुई। मेनका गांधी ने एक चुनावी रैली में एक समुदाय विशेष पर की गई अपनी टिप्पणी से चुनाव आयोग को नाराज कर दिया।

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