modi seoul peace prize
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सियोल/ (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दक्षिण कोरिया में वर्ष 2018 के लिए प्रतिष्ठित ‘सियोल शांति पुरस्कार’ से नवाजा गया। मोदी को इस पुरस्कार के साथ करीब 1.30 करोड़ रुपए की राशि मिली है। उन्होंने इसे गंगा को साफ करने के लिए चलाई जा रही योजना ‘नमामी गंगे’ को देने की घोषणा की है। मोदी ने सभी का आभार प्रकट कर कहा कि यह अवॉर्ड दिखाता है कि भारत ने पिछले पांच साल में कितना विकास किया है। प्रधानमंत्री ने यह पुरस्कार भारत के लोगों को समर्पित किया। मोदी को यह पुरस्कार प्रदान करने से पहले उनकी उपलब्धियों के बारे में बताया गया। एक फिल्म भी दिखाई गई, जिसके जरिए बताया गया कि ​किस प्रकार एक साधारण परिवार से आने वाले मोदी सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बने और विभिन्न देशों को साथ लेकर चलते हैं।

इससे पहले मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच शुक्रवार को व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा समेत प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर रचनात्मक बातचीत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण कोरिया के साथ भारत के रणनीतिक समझौतों को मजबूत करने के लिए यहां की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी का ‘द ब्लू हाउस’ में आधिकारिक रूप से रस्मी स्वागत किया गया। यह राष्ट्रपति का कार्यकारी कार्यालय तथा आधिकारिक आवास है। मोदी ने दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जंग-सूक से भी मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, स्टार्टअप क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर रचनात्मक वार्ता की। वार्ता के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के आर्थिक परिवर्तन में दक्षिण कोरिया एक महत्वपूर्ण भागीदार है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं पिछले हफ्ते हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति मून की ओर से प्रकट किए गए शोक और समर्थन के लिए आभारी हूं। हम आतंकवाद के खिलाफ अपने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मोदी ने कहा, आज भारत के गृह मंत्रालय और कोरिया की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के बीच हुआ करार (एमओयू) आतंकी गतिविधियों के खिलाफ हमारे सहयोग को और आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि विश्व समुदाय भी बातों से आगे बढ़कर इस समस्या के विरोध में एकजुट हो और कार्रवाई करे। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत के आर्थिक परिवर्तन में हम कोरिया को एक बहुमूल्य भागीदार मानते हैं। हमारे निवेश और व्यापारिक संबंध बढ़ रहे हैं। आज राष्ट्रपति मून और मैंने 2030 तक हमारे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक ले जाने को लेकर एक बार फिर प्रतिबद्धता जताई है।”

उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा, बंदरगाह विकास, समुद्री एवं खाद्य प्रसंस्करण, स्टार्टअप और छोटे एवं मझोले उद्यम जैसों क्षेत्र में हम सहयोग बढ़ाने पर राजी हुए हैं। मोदी ने कहा कि बढ़ती रणनीतिक भागीदारी में रक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उदहारण के लिए भारतीय थल सेना में के-9 ‘वज्र’ आर्टिलरी गन के शामिल होने को देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन में उल्लेखनीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा प्रौद्योगिकी और सह-उत्पादन की रूपरेखा बनाने पर भी सहमति जताई है। इसके तहत हम भारत में बना रहे रक्षा औद्योगिक गलियारों में कोरियाई कंपनियों की भागीदारी का स्वागत करेंगे।

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