चेन्नई/दक्षिण भारतमुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने सोमवार को राज्य सचिवालय राज्य के सभी जिलों के आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। राज्य सरकार राज्य में सभी सरकारी शराब की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की योजना बना रही है इसलिए सरकार ने तमिलनाडु विपणन निगम(तस्माक) द्वारा संचालित कई दुकानों को बंद करने का भी निर्देश दिया था सूत्रों के अनुसार इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ शराब की दुकानों को बंद करने के बारे में भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से उनके अधिकार क्षेत्र में किए जा रहे विभागीय कार्रवाई की समीक्षा की। विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताए। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने सीमा उत्पाद शुल्क की चोरी रोकने के लिए विभाग द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस बैठक के दौरान अधिकारियों से आबकारी विभाग के लिए सरकार द्वारा शुरु की गई ढांचागत सुविधाओं को उपलब्ध करवाने की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में बताया और उनसे कहा कि वह सरकार को विभाग की समस्याओं से अवगत कराएं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शराब से प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताने के लिए कहा। ज्ञातव्य है कि केरल से सटे राज्य के कुछ गांव ऐसे हैं जहां पर पुरुष शराब की लत के शिकार है और सरकार इन लोगों की लत से निजात दिलाने के लिए योजना शुरु करने पर विचार कर रही है। इसके लिए कुछ कार्य शुरु कर दिए गए हैं। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को इस योजना के बारे में भी बताया गया।ज्ञातव्य है कि आबकारी और निषेध विभाग राज्य में सबसे अधिक राजस्व प्राप्त करने वाला विभाग है। इसका एक ब़डा हिस्सा इस विभाग के अधीन आने वाले तस्माक दुकान द्वारा संचालित शराब की दुकानों से होती है। इस बैठक के दौरान राज्य में अगले चरणों में बंद की जाने वाली शराब की दुकानों के बारे मेें भी चर्चा की गई। सरकार द्वारा अधिकारियों को ऐसी शराब की दुकानों के बारे में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था कि जिन शराब की दुकानों का नागरिकों द्वारा विरोध किया जा रहा है या जिन दुकानों से प्राप्त होने वाला राजस्व कम है। कुछ जिला आबकारी और निषेध अधिकारियों ने स्थानीय तस्माक प्रबंधक के साथ मिलकर तैयार की गई रिपोर्ट सौंपी।इस बैठक के दौरान कार्य करने वाले नारकोटिक्स नियंत्रण के बारे मेंं चर्चा हुई। राज्य में प़डोसी राज्यों के रास्ते प्रतिबंधित गुटखा उत्पादों और अन्य नशीले पदार्थों को लाने की गतिविधियों को रोकने के बारे में भी इस बैठक के दौरान चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकिारयों को इस प्रकार की गतिविधियों को पूरी तरह से रोक लगाने का निर्देश दिया। इस बैठक के दौरान आबकारी एवं निषेध विभाग की चार शाखाओं के अंतर्गत कार्य करने वाले विभाग के अधिकारियों के साथ ही राज्य के बिजली मंत्री पी तंगमणि, मुख्य सचिव गीरिजा वैद्यनाथन, वित्त सचिव षन्मुगम और विभाग के सचिव निरंजन मरडी भी उपस्थित थे।

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