मुंबई भगदड़ : आतंकवादियों की जरूरत नहीं, रेलवे ही लोगों को मारने के लिए काफी : राज ठाकरे

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  • अगर दूसरे प्रांतों से लोग ऐसे ही आते रहे,तो ऐसी भगदड़ होती रहेगी
  • राज ठाकरे ने कहा कि यदि तय समय तक चीजे बेहतर नहीं हुईं तो हम देखेंगे कि क्या करना है।
  • बुलेट ट्रेन संचालन संबंधी कार्य मुंबई से शुरू नहीं होने देंगेे

मुंबई। एलफिन्सटन रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को हुए हादसे में 22 लोगों के मारे जाने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने यहां कहा कि अगर इतनी बड़ी संख्या में दूसरे प्रांतों के लोग मुंबई आते रहे तो शहर में ऐसी भगदड़ होती रहेगी।

एलफिंस्टन स्टेशन हादसे के बाद शनिवार को वह बोले, हमें आतंकवादियों या पाकिस्तान जैसे दुश्मनों की जरूरत क्या है? ऐसा लगता है कि हमारी अपने रेलवे ही लोगों को मारने के लिए काफी है।

उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि जब तक स्थानीय रेलवे का बुनियादी ढांचा नहीं सुधरता, मुंबई में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए एक भी ईंट नहीं लगानी दी जाएगी। पूर्व में कई बार दूसरे प्रांतों के मुंबई आने वाले लोगों के खिलाफ बयानबाजी कर चुके मनसे नेता ने यहां के दादर इलाके में स्थित अपने घर कृष्ण कुंज में संवाददाताओं से कहा, दूसरे क्षेत्रों से आने वाले प्रवासियों की भारी भीड़ के कारण बुनियादी ढांचा संबंधी सुविधाएं चरमराती रही हैं। ठाकरे ने कहा कि वह यहां के सर जे जे कॉलेज में कला की पढ़ाई के दौरान दो साल तक मुंबई उपनगरीय ट्रेन सेवा में सफर कर चुके हैं और आप जिसे मुंबई की जिजीविषा बताते हैं, जो उसे इस तरह की त्रासदियों से उबारती है, वह असल में इस तरह की आपदाओं के कारण उपजने वाली हताशा है। कल एलफिन्सटन रेलवे स्टेशन पर एक संकरे फुट ओवरब्रिज पर व्यस्त समय में मची भगदड़ में कम से कम 22 लोग मारे गए थे और 30 लोग घायल हो गए।

ठाकरे ने कहा कि उनके पार्टी के नेता बाला नंदगांवकर ने पूर्व में अधिकारियों को भगदड़ वाली जगह पर एक नया ओवरब्रिज बनाने के लिए पत्र लिखा था लेकिन उनके सुझाव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और इसकी बजाए नंदगांवकर को एमएमआरडीए से संपर्क करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि काकोदकर समिति ने रेलवे के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए एक लाख करोड़ रुपए के व्यय का प्रस्ताव आगे किया था लेकिन उसपर किसी ने अमल नहीं किया और इसकी बजाए बुलेट ट्रेन परियोजना का कार्यान्वयन हो रहा है जिसपर उतना ही खर्च आ रहा है।

मनसे नेता ने कहा, हमें बुलेट ट्रेन चाहिए या बुनियादी रेल ढांचे में सुधार। उन्होंने चरमराती रेल सेवा पर चुप्पी साधने के लिए भाजपा सांसद किरीट सोमैया पर भी निशाना साधा।

ठाकरे ने कहा, जब कांग्रेस सत्ता में थी, यह आदमी (किरीट सोमैया) प्लेटफॉर्म की ऊंचाई नापा करता था। अब जब भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में इस तरह की त्रासदियां हो रही हैं तो वह अब कहां है? मनसे नेता ने अपने बारे में दावा किया कि वह भगदड़ की जगह पर या अस्पताल इसलिए नहीं गए क्योंकि टेलीविजन कैमरे की जद में आने के लिए इस तरह की जगहों पर नेता पहुंचे हुए हैं। उन्होंने कहा, वे (रेलवे) कहते हैं कि भगदड़ बारिश के कारण हुई। मुंबई में पहली बार बारिश नहीं हुई है। ठाकरे ने कहा, पांच अक्तूबर को रेल अधिकारियों को एक समयसीमा के साथ मुंबई के स्थानीय लोगों से संबंधित मुद्दों की एक सूची सौंपी जाएगी। अगर चीजें बेहतर नहीं हुईं तो हम देखेंगे (कि आगे क्या करना है)। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर बने पुलों से गैरकानूनी रेहड़ी पटरी दुकानदारों को हटाने के लिए भी एक समयसीमा दी जाएगी और उसका पालन ना करने पर पार्टी खुद से उस पर काम करेगी।

बुलेट ट्रेन संचालन संबंधी कार्य मुंबई से शुरू नहीं होने देंगेे

विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने फिर एक बार धमकी भरे अंदाज में कहा है कि वह बुलेट ट्रेन के संचालन का पुरजोर का विरोध करेंगे और इसके लिए निर्माण कार्य मुम्बई से शुरू नहीं करने देंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि बुलेट ट्रेन संचालन संबंधी काम तेज गति से करने के लिए सुरेश प्रभु को हटाकर पीयूष गोयल को रेल मंत्री बनाया गया है।

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