acharya shri janmotsav
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। शहर के जयनगर स्थित एमईएस ग्राउंड पर राजस्थान जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ, जयनगर संघ के तत्वावधान में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्यश्री रत्नशेखरजी के शिष्य आचार्यश्री रत्नाकरसूरीश्वरजी म.सा. का 61वां जन्मदिवस, मानवसेवा दिवस के रुप में मनाया गया। पूरे देश से हजारों की संख्या में आचार्यश्री के अनुयायी कार्यक्रम में शामिल हुए तथा बढ़चढ़कर मानवसेवी कार्यों में भाग लिया।

रविवार को जयनगर संघ में सुबह 6 बजे भगवान की विशेष पूजा व प्रभु दर्शन के बाद आचार्यश्री एक विशाल जुलूस के साथ सभागार में पहुंचे, जहां उनके स्वागत के लिए उनके अनुयायी उपस्थित थे। आचार्यश्री के आते ही पूरा सभागार जय-जय गुरुदेव के जयघोष के साथ गुंजायमान हो गया। अनेक संघों ने आचार्यश्री को अपने अपने तरीके से भाव व गीत के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

जयनगर संघ के अध्यक्ष चम्पालाल कोठारी ने सभी उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए आचार्यश्री का अभिनंदन किया। संघ के मंत्री चन्द्रकुमार सिंघवी ने चातुर्मास में हो रही विभिन्न धार्मिक क्रियाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। आचार्यश्री रत्नाकर सूरीश्वरजी ने अपने 61वें जन्मोत्सव पर खड़े होकर बड़ी संख्या में उपस्थित अपने अनुयायियों को आशीर्वाद दिया।

इस मौके पर आचार्यश्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में देश के अनेक संघों को, गौशालाओं को, विहारधाम व जरुरतमंद संस्थाओं को आर्थिक सहयोग दिया गया। इस मौके पर आचार्यश्री की प्रेरणा से केरल व कर्नाटक के कुर्ग में आई भीषण बाढ़ से पीड़ित जनों के सहयोगार्थ एक बड़ी राशि की घोषणा की गई तथा अनेक उदारमना अनुयायियों ने अपनी ओर से स्वेच्छा से सहयोग की घोषणा की।

कार्यक्रम में इस बाढ़ राहत कार्य को करने के लिए कमेटी बनाई गई। जन्मोत्सव के मौके पर अनेक संघों का सहयोग व मानवसेवी कार्यों की घोषणा को सभी ने सराहा। कार्यक्रम में 400 वर्ष पहले महोपाध्याय श्री यशोविजयजी म.सा. द्वारा सिद्ध परमात्मा के 1008 आठ नामों व विशेषण की ‘सिद्ध सहस्र नाम स्तोत्र’ सीडी का विमोचन पृथ्वीराज कोठारी, तेजराज गुलेच्छा, चैनराज छाजे़ड, प्रकाशचन्द राठौड़ आदि ने किया।

इस अवसर पर दोपहर में धर्मनाथ मंदिर में महापूजा का आयोजन किया, जिसका लाभ संघवी सरदारमल जुहारमल खरगांधी परिवार ने लिया। शाम को कुमारपाल महाराज द्वारा आरती की गई।

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