रायचूर में लोगों की समस्याएं सुनते मुख्यमंत्री कुमारस्वामी.
रायचूर में लोगों की समस्याएं सुनते मुख्यमंत्री कुमारस्वामी.

बेंगलूरु/रायचूर/दक्षिण भारत। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद लोगों के बीच दोबारा विश्वास कायम करने के लिए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने ‘ग्राम रात्रिवास’ कार्यक्रम की दोबारा शुरुआत की है। हालांकि इसकी शुरुआत के साथ ही उन्हें लोगों का कड़ा विरोध भी झेलना पड़ा।

दरअसल, ग्राम रात्रिवास कार्यक्रम के तहत कुमारस्वामी जब मंगलार को कारेगुड्डा जा रहे थे तो रास्ते में येरमरस थर्मल पावर स्टेशन के कर्मचारियों ने मजदूरी और अन्य मुद्दों पर उन्हें घेर लिया। कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और ‘शर्म करो’ के नारे लगाए। इस विरोध पर कुमारस्वामी नाराज दिखे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बस से रायचूर जाते हुए रोजगार के मुद्दे पर कुमारस्वामी प्रदर्शनकारियों पर भड़क गए। उनसे प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पूछा था कि उन्होंने चुनाव से पहले रोजगार का वादा किया था, उसका क्या हुआ? नाराज कुमारस्वामी ने दो टूक कहा कि आप वोट तो मोदी को देते हो और मदद मुझसे मांगते हो। बेहतर होता अगर यह मदद आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछते।

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ नारेबाजी करते लोगों का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि बस में विंडो सीट पर बैठे कुमारस्वामी बेहद नाराज दिख रहे हैं। वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोग उनसे लगातार अलग-अलग मुद्दों पर सवाल कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने आंदोलनकारियों के रास्ता रोके रखने पर कड़ी नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री अपने गांव आवास कार्यक्रम के तहत जिले के कारेगुड्डा गांव जा रहे थे। उन्होंने चेताया कि यदि आंदोलनकारी नहीं हटे तो पुलिस को हटाने के लिए आदेश दे सकते हैं। मुख्यमंत्री खासे नाराज दिखे और कहा शांतिपूर्ण आंदोलन करने के और भी रास्ते हैं, क्या आप इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आंदोलन करेंगे? मैं मुख्यमंत्री हूं। लोकतंत्र के तहत आपके पास अधिकार है, मैं शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करूंगा किंतु इस तरह का व्यवहार सहन नहीं किया जा सकता। मैंने आपका ज्ञापन ले लिया है और समस्या के निदान का आश्वासन भी दिया है।

इससे पहले गेस्ट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने रायचूर जिले के समग्र विकास के लिए तीन हजार करोड़ रुपए के अनुदान का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह यहां केवल गांव आवास के लिए नहीं आए हैं बल्कि लोगों की समस्याओं को सुनने और इनके समाधान के लिए कदम उठाने के लिए भी आए हैं।

उन्होंने कहा, विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। मैंने किसी विभाग का अनुदान कम नहीं किया है किंतु अधिकारियों को मेरे काम करने की गति के साथ सामंजस्य बिठाना होगा। सिंचाई विभाग को जारी कार्यों को पूरा करने और नई परियोजनाओं के लिए उन्नीस हजार करोड़ रुपए मुहैया कराये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कारेगुड्डा के संपूर्ण विकास के लिए 200 करोड़ रुपए और किसानों की कर्ज माफी के लिए राष्ट्रीय बैंकों को 227 करोड़ रुपए जारी करने का ऐलान किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान रोजगार के सवाल पर मुख्यमंत्री भड़क गए। उन्होंने लोगों से कहा कि इस बारे में बेहतर होता कि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछते। बता दें कि इससे पहले पानी संकट को लेकर विरोध कर रहे लोगों से कुमारस्वामी ने दो टूक कहा था कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। कुमारस्वामी के मुताबिक, इस मामले में केंद्र सरकार ही निर्देश जारी कर सकती है।

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