pm narendra modi
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प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया, विपक्ष पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सभी भूतपूर्व नहीं, अभूतपूर्व हैं, क्योंकि आप जैसे लाखों सैनिकों के शौर्य और समर्पण के कारण हमारी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में आपने शौर्य और समर्पण से जो परंपरा स्थापित की है, वो अतुलनीय है।

मोदी ने पुलवामा शहीदों और देश के वीरों को नमन किया। उन्होंने कहा कि नया हिंदुस्तान नई रीति और नई नीति से आगे बढ़ रहा है। मजबूती के साथ विश्व पटल पर अपनी भूमिका तय कर रहा है, तो उसमें एक बहुत बड़ा योगदान आपके शौर्य, अनुशासन और समर्पण का है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समर स्मारक की मांग कई दशक से निरंतर हो रही थी। बीते दशकों में एक-दो बार प्रयास हुए लेकिन कुछ ठोस हो नहीं पाया। आपके आशीर्वाद से साल 2014 में हमने राष्ट्रीय समर स्मारक बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू की और आज तय समय से पहले ही इसका लोकार्पण होने वाला है।

सैनिक सशक्त, तो सेना सशक्त
मोदी ने कहा कि जब देश का सैनिक सशक्त होता है तो सेना भी सशक्त होती है। देश की सेना का मनोबल देश की सुरक्षा तय करता है। इसलिए हमारे सभी प्रयासों में हमारी सोच और हमारी एप्रोच का केंद्रबिंदु हैं हमारे सैनिक, हमारे फौजी भाई। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है और स्वाभाविक रूप से होनी भी चाहिए। इसी सोच के साथ पहली बार महिलाओं को फाइटर पायलट बनने का अवसर मिला है। सेना में भी बेटियों की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए भी निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं।

national war memorial
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मोदी ने कहा कि भारतीय सेना की इसी शक्ति को आज वैश्विक पटल पर सम्मान भी दिया जा रहा है। एक ऐसी सेना, जो शांति की स्थापना के लिए हथियार उठाती है। भारत वो देश है जिसने संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के लगभग 70 में से 50 बड़े मिशनों में अपने 2 लाख से ज्यादा सैनिक भेजे हैं। भारत वो देश है जिसके सबसे ज्यादा सैनिक इन शांति अभियानों में शहीद हुए हैं। हमारे प्रयासों में दुनिया के बड़े-बड़े देश हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहते हैं। एक के बाद एक देश हमारे साथ रक्षा सहयोग के समझौते करना चाहते हैं।

शहीदों को भुलाने का आरोप
मोदी ने कहा कि 2009 से लेकर 2014 तक पांच साल बीत गए, लेकिन सेना के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं खरीदी गईं। ये हमारी ही सरकार है जिसने बीते साढ़े चार वर्षों में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी हैं। मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि सेना और देश की सुरक्षा को उन लोगों ने अपनी कमाई का साधन बना लिया था। शायद शहीदों को याद करके उन्हें कुछ मिल नहीं सकता था, इसलिए उन्हें भुलाना ही आसान लगा।

मोदी ने कहा कि बोफोर्स से लेकर हेलीकॉप्टर तक, सारी जांच का एक ही परिवार तक पहुंचना बहुत कुछ कह जाता है। अब यही लोग पूरी ताकत लगा रहे हैं कि भारत में राफेल विमान न आ पाए। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में जब देश का पहला राफेल भारत के आसमान में उड़ान भरेगा, तो खुद ही इनकी सारी कोशिशों, साजिशों को ध्वस्त कर देगा। उन्होंने कहा कि आज देश को राष्ट्रीय समर स्मारक मिलने जा रहा है लेकिन राष्ट्रीय पुलिस मेमोरियल की भी तो यही कहानी थी। इस मेमोरियल को बनाने और राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य भी हमारी ही सरकार को मिला।

शहीदों के सम्मान में ज्योति प्रज्वलित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी।
शहीदों के सम्मान में ज्योति प्रज्वलित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी।

महानायकों के साथ अन्याय क्यों?
मोदी ने कहा कि आज देश का हर फौजी, हर नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर शहीदों, हमारे नायकों के साथ ये बर्ताव क्यों किया गया? देशवासियों के साथ, शहीदों के परिवारों के साथ, देश के लिए खुद को समर्पित करने वाले महानायकों के साथ इस तरह का अन्याय क्यों किया गया? आखिर वो कौनसी वजहें थीं, जिनकी वजह से किसी का ध्यान शहीदों के लिए स्मारक पर नहीं गया? इंडिया फर्स्ट और फैमिली फर्स्ट का जो अंतर है, वही इसका जवाब है। स्कूल से लेकर अस्पताल तक, हाईवे से लेकर एयरपोर्ट तक हर जगह एक ही परिवार का नाम जुड़ा रहता था

‘मोदी नहीं, संस्कृति महत्वपूर्ण’
मोदी ने कहा कि आज सरदार पटेल हों या बाबासाहेब आम्बेडकर हों या फिर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, हमारे राष्ट्रपुरुषों को राष्ट्र के गौरव के साथ, न्यू इंडिया की आत्मा, उसकी पहचान के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि मेरा यह स्पष्ट मानना है कि मोदी महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इस देश की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास सबसे ऊपर है। मोदी याद रहे न रहे, परंतु इस देश के करोड़ों लोगों के त्याग, तपस्या, समर्पण, वीरता और उनकी शौर्यगाथा अजर-अमर रहनी ही चाहिए।

मोदी ने कहा कि अब एक मजबूत सरकार आपके सामने है, जिसे नामुमकिन को मुमकिन बनाना आता है। राष्ट्र के मान, वीर-वीरांगनाओं के सम्मान, आपके और आपके परिवार के लिए, यह प्रधानसेवक हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ही फैसले लेगा। देश की सुरक्षा, प्रगति, विकास, मेरे लिए ये लक्ष्य इतने पवित्र हैं कि मैं हर मुश्किल, हर साजिश, राह में आए हर रोड़े से लड़ने के लिए तैयार हूं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने शहीदों के सम्मान में अखंड ज्योति प्रज्वलित की। वहां सर्वधर्म प्रार्थना भी हुई।

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