नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने गुरुवार को अपने वर्ष २०१८ के बजट में भारतीय रेलवे के लिए १.४८ लाख करो़ड रूपये का पूंजीगत व्यय करने की घोषणा की। जेटली ने संसद में बजट पेश करने के दौरान बताया कि इसमें से अधिकांश राशि का इस्तेमाल क्षमता विस्तार पर किया जाएगा क्योंकि यह क्षेत्र रेलवे की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। वित्त मंत्री ने कहा, अगले वित्त वर्ष में रेलवे के लिए १.४८ लाख करो़ड रू से अधिक की राशि का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने साथ ही रेलवे में १८,००० किमी लाइनों के दोहरीकरण के लक्ष्य का प्रस्ताव किया और साथ ही कहा कि रेलवे की क्षमताओं के दोहन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के मकसद से आमान परिवर्तन का काम जारी है। मंत्री ने बताया कि आगामी वर्ष में रेलवे के लिए ३६,००० किमी रेल पटरियों के नवीकरण का भी लक्ष्य रखा गया है जबकि अगले दो सालों में ब्रॉड गेज मार्गो पर ४२६७ मानव रहित रेलवे क्रासिंग को भी समाप्त किया जाएगा। उन्होंने नई विश्वस्तरीय ट्रेनों के विनिर्माण को रेखांकित करते हुए बताया कि आधुनिकीकरण के लिए ६०० स्टेशनों की पहचान की गई है और सभी ट्रेनों में तेजी के साथ वाईफाई और सीसीटीवी नेटवर्क मुहैया कराया जाएगा ।इसके साथ ही २५,००० से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। वित्त मंत्री ने भारतीय रेलवे के लिए एक रोडमैप पेश करते हुए कहा कि मुख्य ध्यान सिग्नल के आधुनिकीकरण, कोहरे से सुरक्षा प्रदान करने वाले उपकरणों, बेहतर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर करने पर केंद्रित किया जाएगा।

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